वित्तीय वर्ष 2025-26 में शून्य तेल खपत और बिना ट्रिपिंग के दर्ज किया रिकॉर्ड उत्पादन
जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी कौशल और प्रबंधन का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। 210 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाले इस संयंत्र ने बीते वर्ष के दौरान विशिष्ट तेल खपत को शून्य के स्तर पर बनाए रखा। इसके साथ ही पूरे वर्ष में एक भी ट्रिपिंग दर्ज नहीं की गई, जो इंजीनियरिंग और समयबद्ध रखरखाव की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में बिना किसी तकनीकी अवरोध के निरंतर संचालन को परिचालन उत्कृष्टता का मानक माना जाता है।
नियामक आयोग के निर्धारित लक्ष्यों से आगे रहा संयंत्र का प्रदर्शन
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस विद्युत गृह ने कुल 1733.55 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। इस अवधि में संयंत्र का प्लांट उपलब्धता कारक 98.29 प्रतिशत और प्लांट लोड फैक्टर 94.24 प्रतिशत रहा। यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय किए गए 85 प्रतिशत के मानक से काफी अधिक है। विशेष रूप से यूनिट नंबर 5 ने 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन की निरंतरता को बनाए रखा है। निरंतर निगरानी और सटीक लोड प्रबंधन की बदौलत मशीनरी की कार्यक्षमता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने में सफलता मिली है।इस सफलता का श्रेय संयंत्र के अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों और ऑपरेशन स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल को दिया जा रहा है। प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस उपलब्धि को देश के ऊर्जा मानचित्र पर कंपनी की मजबूत स्थिति का प्रमाण बताया है। वहीं डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम ने शून्य ट्रिपिंग और तेल की बचत जैसे कठिन लक्ष्यों को प्राप्त करने पर संबंधित टीम की सराहना की है। सुरक्षा मानकों के कड़े पालन और मशीनों के उन्नत रख-रखाव के कारण ही यह संयंत्र प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रभावी भूमिका निभा रहा है। भविष्य में भी इसी तरह के मानकों को बरकरार रखने का लक्ष्य रखा गया है।
