khabar abhi tak

शिक्षक पात्रता परीक्षा के खिलाफ लामबंद हुए अध्यापक, प्रदेशव्यापी आंदोलन का आगाज

संयुक्त मोर्चे का गठन और चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति

जबलपुर। मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में शिक्षक संगठनों ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट में विधिक चुनौती देने के साथ ही शिक्षकों ने सड़क पर उतरकर संघर्ष करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में भोपाल में राज्य के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मिलकर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का गठन किया है। इस मोर्चे के बैनर तले प्रदेश भर में जिला, ब्लॉक और राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। आंदोलन की शुरुआत 8 अप्रैल को जिला स्तर से होगी। इसके बाद 11 अप्रैल को सभी ब्लॉकों में प्रदर्शन किए जाएंगे। आंदोलन का मुख्य पड़ाव 18 अप्रैल को होगा, जब पूरे प्रदेश के शिक्षक राजधानी भोपाल में एकत्रित होकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।

​जबलपुर में रणनीति हुई तैयार,सब एकजुट

​आगामी आंदोलनों की रूपरेखा तैयार करने के लिए जबलपुर के गांधी स्मारक में विभिन्न शिक्षक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस सभा में राज्य शिक्षक संघ, प्रांतीय शिक्षक संघ, आजाद अध्यापक संघ और शासकीय अध्यापक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्षों सहित कई सदस्य शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि 8 अप्रैल को जिले के शिक्षक एकजुट होकर जंगी प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। इस बैठक में उमाशंकर पटेल, नरेंद्र त्रिपाठी, राकेश उपाध्याय, जगत पटेल, अजय रजक, संध्या अवस्थी, दीपक पटेल, शिव चौबे, महेंद्र अहवासी, संतोष झारिया, मथुरा उपाध्याय, भूमिका पटेल, अनिल पटेल, राकेश मिश्रा, विनय नामदेव, उमाकांत पटेल, दुष्यंत श्रीवास्तव, इंद्र सिंह राजपूत, प्रियांशु शुक्ला, राम किशोर हल्दकार और श्रुति जैन सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। संयुक्त मोर्चे ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak