जबलपुर। लार्डगंज थाना क्षेत्र में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की जवाहरगंज शाखा में सोने के फर्जी आभूषणों के आधार पर लाखों रुपए का ऋण हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक को धोखा देकर कुल 16 लाख 56 हजार 471 रुपए का कर्ज लिया गया। इस पूरे प्रकरण में बैंक के गोल्ड वेल्यूअर पैनल में शामिल सराफा कारोबारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिन्होंने नकली जेवरों को असली प्रमाणित कर बैंक को वित्तीय क्षति पहुंचाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित सराफा व्यापारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मूल्यांकन में धोखाधड़ी और अपात्रों को ऋण
बैंक प्रबंधन ने आभूषणों की शुद्धता जांचने के लिए अभिनव ज्वेलर्स के संचालक राजीव सोनी और आशुतोष सराफ को नियुक्त किया था। इन विशेषज्ञों ने विभिन्न ग्राहकों द्वारा लाए गए जेवरों का परीक्षण किया और उन्हें शुद्ध सोना बताकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इनकी पुष्टि के आधार पर बैंक ने 29 सितम्बर से 11 नवंबर के मध्य सात अलग-अलग ग्राहकों के नाम पर ऋण स्वीकृत किए। बाद में जब बैंक ने स्वतंत्र रूप से इन आभूषणों की दोबारा जांच कराई, तो खुलासा हुआ कि गिरवी रखे गए सभी जेवर नकली थे। इसके बाद बैंक प्रबंधक सुभाष कुमार साव ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
सात खाताधारकों के नाम पर जारी हुई राशि
फर्जी आभूषणों के आधार पर कुल सात लोगों को बैंक द्वारा कर्ज दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुसरा कुरैशी को 1 लाख 98 हजार रुपए, लक्ष्मी प्रसाद कडेरे को 2 लाख 3 हजार 7 सौ रुपए और निशा मंसूरी को 2 लाख 95 हजार रुपए का लोन मिला। इसी तरह सुशीला पटेल को 2 लाख 27 हजार रुपए, अचिन उरमलिया को 3 लाख रुपए, सुंदर साहू को 1 लाख 90 हजार रुपए और सोमनाथ करण को 1 लाख 52 हजार रुपए की राशि जारी की गई। स्वतंत्र परीक्षण रिपोर्ट में इन सभी के जेवर पूरी तरह नकली पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि वेल्यूअर्स ने मिलीभगत कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की।
पूर्व के वित्तीय अपराधों में आरोपियों की संलिप्तता
इस मामले के एक आरोपी आशुतोष सराफ और ऋणी अचिन उरमलिया का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इससे पूर्व बैंक ऑफ महाराष्ट्र में नकली जेवर रखकर ऋण लेने के प्रकरण में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सिद्धेश्वरी ज्वेलर्स के संचालक आशुतोष सराफ, सौम्या ज्वेलर्स के अनिल सोनी और सौरभ चौधरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। उस मामले में भी अचिन उरमलिया को आरोपी बनाया गया था। अचिन के खिलाफ अब लार्डगंज थाने में यह दूसरी एफआईआर हुई है। पुलिस अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर संगठित गिरोह की भूमिका की जांच कर रही है।
