आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 20 लाख के बीमा की फेडरेशन ने की मांग,अधिकारी बोले,हर सम्भव प्रयास किये जायेंगे
जबलपुर। मप्र विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन जबलपुर और बिजली कंपनी प्रबंधन के बीच अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक संपन्न हुई। इस दौरान हाल ही में गोहलपुर क्षेत्र में हुई बिजली दुर्घटना में आउटसोर्स कर्मचारी रंजीत कोरी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। अधीक्षण अभियंता श्री अरोरा ने स्पष्ट किया कि विभाग अपने हर कर्मचारी की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने मृतक के परिवार को निर्धारित बीमा राशि और अन्य सरकारी लाभ जल्द से जल्द दिलाने का भरोसा दिया। साथ ही आश्रित परिवार के सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही। प्रबंधन ने तकनीकी कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताया।
सुरक्षा मानकों और प्रशिक्षण पर विशेष जोर
बैठक में फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने बिजली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि लाइनों और खंभों पर सुधार कार्य केवल आईटीआई प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही कराया जाए। तकनीकी कार्यों के दौरान सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उनके उपयोग की निगरानी करना अनिवार्य है। फेडरेशन ने मांग रखी कि हर आउटसोर्स कर्मचारी का 20 लाख रुपये का बीमा कराया जाए और उन्हें समय पर जोखिम भत्ता प्रदान किया जाए। इसके अलावा रिक्त पदों पर आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती करने का सुझाव दिया गया ताकि मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ कम हो सके और दुर्घटनाओं की संभावना घटे।
सब स्टेशनों की व्यवस्था और कर्मचारियों की सहभागिता
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने सब स्टेशनों में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति और कर्मचारियों के लिए विधिवत प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता जताई। सब स्टेशनों में साफ-सफाई, फर्नीचर, अग्नि शमन यंत्र और पीने के पानी के लिए फिल्टर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। बैठक में यह भी तय किया गया कि किसी भी अप्रशिक्षित कर्मचारी से जोखिम भरा कार्य नहीं लिया जाएगा और दुर्घटना की स्थिति में संबंधित प्रभारी की जवाबदेही तय होगी। इस अवसर पर यूके पाठक, दिनेश दुबे, उमाशंकर दुबे, राजेश मिश्रा, मोहित पटेल, योगेश पटेल और दीपक मेमने सहित अन्य सहायक अभियंता उपस्थित रहे।
