जबलपुर। मध्यप्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चतुर्थ क्रमोन्नति यानी फोर्थ टाइम स्केल को विधिवत लागू कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए जाने के बाद अब प्रदेश के उन शिक्षकों के लिए उच्चतर वेतनमान का रास्ता साफ हो गया है जिन्होंने अपने करियर के 35 साल की लंबी सेवा अवधि पूरी कर ली है। इस निर्णय का सीधा सकारात्मक प्रभाव जबलपुर जिले के हजारों शिक्षकों सहित प्रदेश के कुल 1.5 लाख शिक्षकों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शिक्षक दिवस पर की गई इस घोषणा को कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद अब धरातल पर उतार दिया गया है।
सेवा अवधि के आधार पर वेतनमान में वृद्धि
राज्य शासन द्वारा जारी नई नीति के अनुसार अब शिक्षकों को उनके सेवा काल के दौरान मिलने वाले 12, 24 और 30 साल के लाभ के अतिरिक्त 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर एक और उच्चतर वेतनमान दिया जाएगा। यह लाभ विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए राहत भरा है जो पदोन्नति के पात्र नहीं बन सके थे लेकिन लंबे समय से विभाग को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के सभी शिक्षक अपनी निर्धारित पात्रता के अनुसार इस योजना के दायरे में आएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत 35 साल की सेवा पूरी करने वाले इन शिक्षकों को उच्चतर पे-लेवल का लाभ मिलेगा जिससे उनके मासिक वेतन में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
जुलाई 2023 से एरियर का भुगतान
सरकार ने इस नई व्यवस्था को 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना है। इसका अर्थ यह है कि जो शिक्षक 1 जुलाई 2023 तक अपनी 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं, उन्हें पिछले समय का एरियर भी प्रदान किया जाएगा। अनुमान के मुताबिक प्रत्येक पात्र शिक्षक को सवा लाख से लेकर लगभग 1.80 लाख रुपए तक का एरियर प्राप्त हो सकता है। वहीं जो शिक्षक 2023 से 2026 के बीच अपनी सेवा के 35 वर्ष पूरे कर रहे हैं, उन्हें उनकी पात्रता की तिथि से गणना कर लाभान्वित किया जाएगा। वित्त विभाग ने इस पूरे प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है जिससे भुगतान की प्रक्रिया में अब कोई तकनीकी बाधा शेष नहीं रही है।
सरकारी खजाने पर वित्तीय भार
शिक्षकों को मिलने वाले इस एरियर और बढ़े हुए वेतनमान के कारण राज्य सरकार के बजट पर लगभग 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। वित्त विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से इस राशि के आवंटन की तैयारी कर ली गई है। जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में भी इस आदेश के बाद पात्रता सूची तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जबलपुर जिले में बड़ी संख्या में ऐसे वरिष्ठ शिक्षक हैं जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं या हाल ही में सेवा के 35 वर्ष पूरे कर चुके हैं, उन्हें इस फैसले से सीधे तौर पर आर्थिक लाभ होगा।
पद के अनुरूप मिलेगा लाभ का स्तर
चतुर्थ क्रमोन्नति का लाभ शिक्षकों को उनके वर्तमान पद के आधार पर दिया जाएगा। प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के लिए अलग-अलग वेतनमान निर्धारित किए गए हैं। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन अनुभवी शिक्षकों को वित्तीय प्रोत्साहन देना है जो एक ही पद पर लंबे समय तक कार्यरत रहे। इस निर्णय से न केवल शिक्षकों की वर्तमान सैलरी बढ़ेगी बल्कि भविष्य में उनकी पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों पर भी इसका व्यापक असर पड़ेगा। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार एरियर की राशि का भुगतान निर्धारित किस्तों या एकमुश्त करने के संबंध में भी जल्द ही स्थितियां और स्पष्ट की जाएंगी।
