कर्मचारी संघ ने जताया विरोध, प्रशासनिक आदेश को वापस लेने की मांग
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लैब टेक्नीशियन अब मरीजों की जांच संबंधी कार्यों को छोड़कर जनगणना की जिम्मेदारी संभालेंगे। नगर निगम के संभागीय अधिकारी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस आदेश के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज के लैब टेक्नीशियनों में भारी असंतोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 30 लैब टेक्नीशियनों की ड्यूटी जनगणना के कार्य हेतु निर्धारित की गई है। कर्मचारियों का तर्क है कि यदि वे इस नए कार्य में व्यस्त हो जाते हैं तो अस्पताल में होने वाली रक्त संबंधी महत्वपूर्ण जांचें पूरी तरह से रुक जाएंगी। इस गंभीर स्थिति से कॉलेज प्रबंधन को लिखित रूप में अवगत कराया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट,संघ का विरोध
लैब टेक्नीशियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने अपने इस निर्णय में संशोधन नहीं किया तो मरीजों को होने वाली असुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली गिरावट की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज विभिन्न जांचों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में तकनीकी स्टाफ को गैर-चिकित्सकीय कार्य में लगाना चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। डीन को भेजे गए संदेश में कर्मचारियों ने कहा है कि जांच कार्य प्रभावित होने की स्थिति में मरीजों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा जिससे स्थिति बिगड़ सकती है।
अफसर भी बोले,असर पड़ेगा
मप्र लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा कर्मचारी संघ ने इस आदेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने प्रशासनिक निर्णय को अनुचित बताते हुए कहा है कि लैब टेक्नीशियनों की मुख्य प्राथमिकता मरीजों की सेवा और सटीक जांच रिपोर्ट तैयार करना है। जनगणना कार्य में तैनाती का विरोध करने के लिए संघ जल्द ही डीन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा। प्रो. डॉ. नवनीत सक्सेना ने भी स्वीकार किया है कि नगर निगम के माध्यम से यह आदेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई है कि यदि लैब टेक्नीशियन जनगणना करने जाते हैं तो अस्पताल की प्रयोगशालाओं में जांच का काम ठप हो सकता है।
