आर्थिक संकट के बीच विभाग की पहल ने पीड़ित परिवार को दी नई उम्मीद,अधिकारी बोले,हर सम्भव सहयोग करेंगे
जबलपुर। मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी में मानवीय संवेदनाओं और त्वरित प्रशासनिक निर्णय का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। मध्य प्रदेश पूर्व कंपनी के अधिकारियों ने गोहलपुर क्षेत्र में हुई एक दुखद दुर्घटना के बाद प्रभावित परिवार को संबल प्रदान करने के लिए सकारात्मक कदम उठाया है। शहर के गोहलपुर इलाके में बिजली सुधार कार्य के दौरान पोल से गिरने से आउटसोर्स कर्मचारी रंजीत कोरी की असामयिक मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना के मात्र 3 दिन के भीतर ही विभाग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक के पुत्र विवेक कोरी को उसी स्थान पर नियुक्ति प्रदान कर दी है। विद्युत विभाग के इस निर्णय की चारों ओर प्रशंसा की जा रही है, क्योंकि अक्सर इस प्रकार की नियुक्तियों में लंबा समय लगता है।
कोरी परिवार के लिए इस नियुक्ति के मायने
स्वर्गीय रंजीत कोरी परिवार के मुख्य आय स्रोत थे और उनकी मृत्यु से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग और संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी ने तालमेल बिठाया। घटना के तत्काल बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की गई ताकि पीड़ित परिवार को भटकना न पड़े। विवेक कोरी को प्रदान किए गए नियुक्ति पत्र के अनुसार उन्हें उसी उत्तर संभाग जबलपुर के अंतर्गत कार्य पर रखा गया है, जहाँ उनके पिता कार्यरत थे।
-संकट के समय जरूरी था सहयोग:अरोरा
इस पूरी प्रक्रिया में अधीक्षण अभियंता शहर संजय अरोरा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार की अत्यंत दयनीय और विषम परिस्थितियों को देखते हुए यह त्वरित निर्णय लिया गया है। श्री अरोरा के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्य करना ही नहीं होता, बल्कि संकट के समय अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ खड़े होना भी होता है। उन्होंने इस कदम को समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया है कि यदि विभाग चाहे तो नियमों के दायरे में रहकर मानवीय आधार पर तत्काल सहायता पहुँचा सकता है। इस पहल से विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी सुरक्षा और भरोसे की भावना जागृत हुई है।
नियुक्ति की शर्तें व कार्यक्षेत्र का निर्धारण
उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार विवेक कोरी को अनस्किल्ड श्रेणी में अनुबंधित आधार पर नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति 27/04/2026 से प्रभावी मानी गई है। नियुक्ति पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उन्हें मध्य प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान के अनुसार भुगतान किया जाएगा। उनकी तैनाती जबलपुर के ओ एंड एम सर्किल में की गई है। अनुबंध की शर्तों के तहत उन्हें विभाग के सभी सुरक्षा मानकों और अनुशासन का पालन करना होगा। विभाग ने सुनिश्चित किया है कि पुत्र को उसी वातावरण में काम मिले जहाँ उसके पिता ने सेवा दी थी, ताकि उसे कार्य सीखने और तालमेल बिठाने में आसानी हो सके।
कम्पनी के इस कदम की हर तरफ तारीफ
आमतौर पर दुर्घटनाओं के बाद लंबी जांच और मुआवजे की प्रक्रिया में पीड़ित परिवार टूट जाता है। जबलपुर विद्युत विभाग ने इस परंपरा को तोड़ते हुए 2-3 दिन के रिकॉर्ड समय में रोजगार उपलब्ध कराया है। स्थानीय नागरिकों और कर्मचारी संगठनों ने विभाग के इस रुख का स्वागत किया है। रंजीत कोरी की मृत्यु एक बड़ी क्षति थी, लेकिन उनके बेटे विवेक कोरी को तत्काल काम मिलने से परिवार का भविष्य अंधकारमय होने से बच गया है। यह मामला भविष्य के लिए एक नजीर बन गया है कि सरकारी तंत्र यदि संकल्पित हो, तो वह किसी भी परिवार को बिखरने से बचाने के लिए तत्परता से कार्य कर सकता है।
