जबलपुर। जबलपुर नगर निगम प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था और स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कड़ा कदम उठाया है। नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी मनीष तड़से को उनके कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में अपर आयुक्त द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। विभाग की इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
अतिक्रमण रोकने में विफलता पर एक्शन
प्रशासनिक आदेश के अनुसार मनीष तड़से को पिछले 4 माह से शहर में बढ़ते अतिक्रमण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाने के निर्देश लगातार दिए जा रहे थे। इसके बावजूद उनकी ओर से अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए। विशेष रूप से शहर के लेफ्ट टर्न और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने में वह पूरी तरह असफल रहे। वर्तमान में शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, लेकिन सड़कों पर फैले अतिक्रमण के कारण इन कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। उनकी इस कार्यप्रणाली को शासकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता माना गया है।
नए प्रभारी की नियुक्ति की गई
श्री तड़से का यह कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया है। इसी आधार पर उन्हें मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 (1) क के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नगर निगम जबलपुर निर्धारित किया गया है और नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। अतिक्रमण प्रभारी का अतिरिक्त कार्यभार अब संभागीय यंत्री संभाग क्रमांक-1 कृष्ण पाल सिंह रावत को सौंपा गया है। यह आदेश आयुक्त महोदय के अनुमोदन के पश्चात 24 अप्रैल को जारी किया गया है।
