एमडी अजय गुप्ता ने लिया सागर संभाग के विद्युत कार्यों का जायजा,राजस्व वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि बिजली कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता
जबलपुर। आज सागर के मकरोनिया स्थित विद्युत परिसर के सभागार में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक अजय गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में सागर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना और टीकमगढ़ वृत्तों के कार्यों का गहराई से विश्लेषण किया गया। बैठक में मुख्य अभियंता देवेंद्र कुमार सहित सभी अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता उपस्थित रहे। प्रबंध संचालक ने राजस्व मापदंडों, समाधान योजना की वर्तमान स्थिति और विभिन्न विकास योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की बिंदुवार जानकारी ली।
समाधान योजना की प्रगति पर विशेष जोर
प्रबंध संचालक अजय गुप्ता ने राजस्व संग्रहण और समाधान योजना की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार राजस्व वसूली, बिलिंग दक्षता और संग्रहण दक्षता में सुधार अनिवार्य है। जिन संभागों में एटी एंड सी हानियां अधिक हैं, वहां उन्हें कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विद्युत बिल संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
विद्युत व्यवधान रोकें, ट्रांसफार्मर सुधार तेज करें
बैठक के दौरान विद्युत आपूर्ति में आने वाले व्यवधानों और ट्रांसफार्मर फेल होने की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रबंध संचालक ने निर्देश दिए कि विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मरों का समय पर संधारण किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके। उन्होंने ट्रांसफार्मर फेल होने की दर को न्यूनतम स्तर पर लाने और खराब उपकरणों को जल्द बदलने के आदेश दिए। साथ ही स्मार्ट मीटर स्थापना और उनके संचार तंत्र को मजबूत करने पर भी बल दिया गया ताकि तकनीकी खामियों को दूर किया जा सके।
आरडीएसएस और लाइन विस्तार कार्यों की समय सीमा तय
विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चल रहे लाइन विस्तार और नए उपकेंद्रों के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अजय गुप्ता ने कहा कि कार्य योजना के तहत जो भी निर्माण कार्य लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए। आरडीएसएस और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर समाप्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जोर दिया कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न करते हुए विकास कार्यों को गति दी जाए ताकि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में विकास कार्यों का खाका तैयार
इस उच्च स्तरीय बैठक में कॉर्पोरेट कार्यालय जबलपुर से मुख्य महाप्रबंधक संजय भागवतकर, मुख्य महाप्रबंधक अशोक सिंह धुर्वे और मुख्य महाप्रबंधक संजय निगम मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्य महाप्रबंधक प्रशांत गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक अवनीश तिवारी, मुख्य अभियंता शिशिर श्रीवास्तव, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक मो.आरिफ कुरैशी, महाप्रबंधक नीरज कुचिया और विधि अधिकारी डॉ. अरुण रावत ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ काम करने और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया गया।

