khabar abhi tak

गंदे पेयजल और टूटे चेंजिंग रूम को लेकर नगर निगम से जवाब तलब



जबलपुर में जनसमस्याओं और लापरवाही पर मानवाधिकार आयोग सख्त, चार गंभीर मामलों में प्रतिवेदन तलब

जबलपुर। मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जबलपुर शहर की चार प्रमुख जनहित समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने इन मामलों को मानवीय अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है। मुख्यपीठ भोपाल में इन प्रकरणों की सुनवाई के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों को विस्तृत जांच कर 2 सप्ताह के भीतर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

दूषित पेयजल आपूर्ति और जर्जर बुनियादी ढांचे पर जवाब तलब

​शहर के कांचघर से लेकर लेमा गार्डन तक के विस्तृत क्षेत्र में पाइप लाइनों की दयनीय स्थिति का मामला आयोग के समक्ष आया है। यहां नालियों के भीतर से गुजरने वाली पाइप लाइनों के कारण घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को जांच के आदेश दिए गए हैं। इसी तरह नर्मदा तट गौरी घाट पर महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ी समस्या पर भी संज्ञान लिया गया है। घाट पर बने चेंजिंग बॉक्स के दरवाजे टूटे होने के कारण महिलाओं को स्नान के पश्चात भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। आयोग ने नगर निगम प्रशासन से इस बुनियादी ढांचे की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर रिपोर्ट मांगी है।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा और निजी अस्पताल की कथित लापरवाही की जांच

​यातायात व्यवस्था और चिकित्सा जगत से जुड़े दो अन्य गंभीर मामलों में पुलिस अधीक्षक से जवाब मांगा गया है। शहर में स्कूली ऑटो चालकों द्वारा क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर वाहन चलाने की शिकायतें मिली हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। आयोग ने इस पर लगाम लगाने के लिए की गई वैधानिक कार्यवाही का विवरण मांगा है। इसके अतिरिक्त, गढ़ा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में बीमा राशि के लाभ हेतु दो महिलाओं के पैर काटने के सनसनीखेज आरोप पर भी आयोग ने संज्ञान लिया है। अस्पताल प्रबंधन की इस कथित लापरवाही और धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को गहन जांच कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी मामलों में आयोग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak