जबलपुर। जिले में गेहूं उपार्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के दिशा निर्देश और एसडीएम अभिषेक सिंह के कुशल मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीम ने बरखेड़ा क्षेत्र के विभिन्न वेयरहाउस में बड़ी कार्रवाई की है। गेहूं की अवैध रिसाइक्लिंग और भंडारण की आशंकाओं को समाप्त करने के उद्देश्य से जिले के कई गोदामों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
औचक निरीक्षण के बाद एक्शन
प्रशासनिक टीम ने बरखेड़ा ब्रांच के अंतर्गत आने वाले कई गोदामों का सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान गेहूं का स्टॉक पाए जाने पर एमपीडब्ल्यूएलसी बरखेड़ा की गोदाम क्रमांक 12, 14, 15, 17, 18 और 21 को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और पुराने स्टॉक को नए गेहूं के साथ मिलाने की संभावना को शून्य करना है।
निजी गोदामों पर प्रशासनिक शिकंजा
बरखेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निजी वेयरहाउस पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में पनागर के शुभी अक्षय वेयरहाउस की गोदाम क्रमांक 35 को गेहूं भंडारित होने के कारण सील किया गया। साथ ही सिंगोद स्थित मैना वेयरहाउस और सिमरिया स्थित शुभी एग्रो लॉजिस्टिक्स में भी गेहूं मिलने पर उन्हें सील करने की कार्यवाही की गई है। प्रशासन की इस सक्रियता से भंडार गृह संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
उपार्जन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना लक्ष्य
एसडीएम श्री सिंह ने बताया कि क्षेत्र के अन्य प्रमुख गोदामों जैसे मां रेवा वेयरहाउस सिंगोद, अनुश्री वेयरहाउस बरखेड़ा और नर्मदा एग्रो कालाडूमर पर भी अधिकारियों ने गेहूं की मौजूदगी दर्ज की और उन्हें सील कर दिया। इन सभी स्थानों पर राजस्व विभाग का अमला तैनात रहा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उपार्जन के समय किसी भी प्रकार की पुरानी फसल या अवैध स्टॉक का उपयोग शासकीय खरीदी में नहीं होने दिया जाएगा।
