अभिभावकों ने यह भी कहा कि कई विद्यार्थियों को थ्योरी में 80 में से लगभग 70 अंक मिले, लेकिन आंतरिक मूल्यांकन में कम अंक मिलने से उनका कुल प्रतिशत काफी गिर गया। उनका आरोप है कि प्रिंसिपल ने ट्रिप में शामिल न होने पर आंतरिक अंक काटने की बात कही थी। उस समय स्कूल प्रबंधन ने इसे मजाक बताकर टाल दिया था, लेकिन अब परिणाम आने के बाद यह मामला सामने आया है। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि गोवा टूर की फीस अधिक होने के कारण वे अपने बच्चों को नहीं भेज पाए। उनका कहना है कि अब उन्हें स्कूल में चीप पेरेंट्स कहकर अपमानित किया जा रहा है, जो अत्यंत आपत्तिजनक है। इस मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों के समर्थन में नारे लगाए। अभाविप के महानगर महामंत्री आर्यन पूंज ने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
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