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रेल परिचालन में मानवीय त्रुटियों को कम करने और तकनीकी अपग्रेडेशन पर संवाद

जबलपुर रेल मंडल में रैम सिस्टम पर केंद्रित विशेष सेमिनार संपन्न

जबलपुर। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभाकक्ष में रेल परिचालन की विश्वसनीयता और सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से रिलायबिलिटी, एवेलेबिलिटी, मेंटेनबिलिटी और सेफ्टी यानी रैम मानकों पर गहन चर्चा हुई। पश्चिम मध्य रेल के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखि के कुशल मार्गदर्शन में इस सत्र को संचालित किया गया। कार्यक्रम में मंडल के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपस्थिति दर्ज कराकर रेलवे की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में अपने विचार साझा किए।

रेलवे परिचालन में सुरक्षा और तकनीक का समन्वय

​संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए तकनीकी सुदृढ़ीकरण अनिवार्य है। चर्चा में यह तथ्य सामने आया कि केवल तकनीकी उपकरणों की स्थापना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनका नियमित अनुरक्षण और सटीक संचालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। परिचालन के दौरान होने वाली संभावित त्रुटियों को शून्य करने के लिए मानक प्रक्रियाओं के पालन और निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई गई। रेल अधिकारियों ने माना कि तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ प्रत्येक कर्मचारी की सजगता ही संरक्षा के उच्चतम मानकों को प्राप्त करने का एकमात्र मार्ग है।

विजन 2050 और भविष्य की रेल रणनीति

​सेमिनार के एक विशेष सत्र में नेशनल रेल प्लान विजन 2050 की रूपरेखा पर मंथन किया गया। भारतीय रेल को राष्ट्र की जीवन रेखा मानते हुए इसके भविष्य के लक्ष्यों को निर्धारित किया गया। इसमें संरक्षा, समय पालन और व्यवसायिक विकास को तीन प्रमुख स्तंभों के रूप में चिन्हित किया गया। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बुनियादी ढांचे में बदलाव और आधुनिक तकनीक के समावेश पर विस्तार से बात की गई। मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा ने इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए सामूहिक प्रयासों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

अनुशासन और निरंतर निरीक्षण पर विशेष जोर

​रेल संचालन में अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने नियमित निरीक्षण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया। सेमिनार में यह स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा केवल एक विभागीय जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक सामूहिक कार्य संस्कृति है। कार्यक्रम के अंत में पूरे सत्र की रिकॉर्डिंग की गई ताकि इस दौरान साझा किए गए महत्वपूर्ण बिंदुओं का उपयोग भविष्य में फील्ड स्टाफ के प्रशिक्षण और संदर्भ के लिए किया जा सके। सभी प्रतिभागियों ने संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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