जबलपुर। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर के शहर वृत्त कार्यालय ने निजी दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। विद्युत खंभों पर अव्यवस्थित तरीके से जाल की तरह फैली केबलों को हटाने के लिए कंपनी ने अब अंतिम चेतावनी जारी की है। अधीक्षण अभियंता नगर वृत्त संजय अरोरा द्वारा इस संबंध में रिलायंस जियो डिजिटल फाइबर प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स भारती एयरटेल लिमिटेड को पृथक-पृथक पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है। विभाग का कहना है कि इन कंपनियों द्वारा विद्युत खंभों का उपयोग टेलीफोन और इंटरनेट सेवाओं के लिए किया जा रहा है, लेकिन इसमें सुरक्षा मानकों और कंपनी के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
अव्यवस्थित केबलों हटाने 24 घंटे का अल्टीमेटम
श्री अरोरा ने स्पष्ट किया है कि 21 अप्रैल 2026 को हुई बैठक और पूर्व में जारी विभिन्न पत्रों के बावजूद धरातल पर केबलों को व्यवस्थित करने का कोई कार्य नहीं किया गया है। अब कंपनियों को केवल 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर विद्युत खंभों पर खींची गई केबलों को तय मापदंडों के अनुसार व्यवस्थित नहीं किया गया, तो विभाग स्वयं इन केबलों को खंभों से काटकर हटाने की कार्रवाई शुरू कर देगा। इस कार्रवाई के दौरान होने वाले किसी भी वित्तीय नुकसान या सेवा में व्यवधान के लिए संबंधित निजी कंपनियां ही पूरी तरह जिम्मेदार मानी जाएंगी।
प्रशासन और पुलिस विभाग को दी सूचना
विद्युत विभाग ने इस कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित कर दिया है। जारी किए गए आदेश की प्रतिलिपि जबलपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर पालिक निगम आयुक्त और मुख्य महाप्रबंधक को भेजी गई है। इसके साथ ही संभागीय विद्युत निरीक्षक और शहर के विभिन्न संभागों जैसे पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और विजयनगर के कार्यपालन अभियंताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यक्षेत्र में नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं। विभाग का प्राथमिक उद्देश्य विद्युत अधोसंरचना की सुरक्षा और शहर की सुंदरता को बनाए रखना है।
नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी
यह पूरी कार्रवाई कंपनी के परिपत्र दिनांक 29 अक्टूबर 2021 की कंडिका 4 में वर्णित शर्तों के तहत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि केबलों के अव्यवस्थित होने से न केवल बिजली लाइनों के रखरखाव में बाधा आती है, बल्कि दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना रहता है। पूर्व में 27 फरवरी 2025, 11 मार्च 2025, 29 मार्च 2025 और 6 अगस्त 2025 को भी पत्राचार कर कंपनियों को सचेत किया गया था। बार-बार की अनदेखी के बाद अब विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए केबल हटाओ अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसकी तैयारी पूर्ण कर ली गई है।
