जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश संपूर्ण जिले में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और यह आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसका उल्लंघन पाये जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 तथा अन्य समस्त प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। प्रतिबंधात्मक आदेश के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति प्राप्त किये बिना किसी भी प्रकार के आयोजन नहीं किये जा सकेंगे। अनुमति प्राप्त किये बगैर होने वाले आयोजनों को अवैध घोषित किया जायेगा तथा आयोजकों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
भंडारों के आयोजन पर भी रोक-
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में प्रशासनिक अनुमति के बिना रैली, धरना, प्रदर्शन के साथ-साथ भण्डारों के आयोजन पर भी रोक लगाई गई है। इसी प्रकार धार्मिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान मार्गों पर टेंट लगाना या भंडारे का आयोजन भी नहीं किया जा सकेगा, जिससे यातायात प्रभावित हो।
दो पहिया वाहन रैली पर पूर्णत: प्रतिबंध-
आदेश में दो पहिया वाहन रैली को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही डीजे के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। आदेश के अनुसार सभी को मध्यप्रदेश कोलाहल अधिनियम एवं ध्वनि प्रदूषण नियम का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों से आपत्तिजनक नारे अथवा गाने इत्यादि प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे। ऐसा पाए जाने पर डीजे उपलब्ध कराने वाले टेंट हाउस आदि पर भी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।