पन्ना. मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के रैपुरा इलाके के अलौनी बीट के पास स्थित ग्राम मक्केपाला में भूख से व्याकुल तेंदुए ने गाय के बछड़े का शिकार करने की सोची. लेकिन बछड़ा निकला बहुत फुर्तीला. तेंदुए ने बछड़े को दबोचने के लिए छलांग लगाई. लेकिन बछड़े ने उछल-कूद शुरू कर दी.
इस दौरान बछड़ा सूखे कुएं में गिर गया. उसका पीछा कर रहा तेंदुआ भी कुएं में गिर गया. जब गौपालक को अपना बछड़ा नहीं दिखा तो उसने आसपास तलाशना शुरू किया. किसान को अपने बछड़े के मिमयाने की आवाज कुएं से सुनाई दी. किसान ने जैसे ही देखा कि कुएं में तेंदुआ भी है तो उसने खेतों में आसपास काम करने वालों को आवाज लगाई.
तेंदुए व बछड़े की जोड़ी देख लागों में आश्चर्य
आसपास काम करने वाले किसान बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए. साथ ही वन विभाग को भी सूचना दी गई. वन विभाग की टीम सारे साजोसामान के साथ मौके पर पहुंची. इस दौरान वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने कुएं में झांककर देखा तो दंग रह गए. तेंदुआ और बछड़ा अगल-बगल में बैठे थे. ग्रामीणों के आश्चर्य का ठिकाना तब और नहीं रहा, जब बछड़े ने तेंदुए को सहलाना और चाटना शुरू कर दिया. तेंदुआ भी बड़े प्यार से बछड़े को सहलाता रहा. इस दौरान कई बार ऐसा हुआ कि बछड़ा तेंदुए की पीठ पर बैठा.
लकड़ी से बनाई सीढ़ी
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू शुरू किया. इस दौरान वन विभाग ने सूझबूझ व तकनीकी का सहारा लिया. लकड़ी को आपस में बांधकर, उन पर रस्सी लपेटकर मजबूत सीढ़ी तैयार की. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ये व्यवस्था की गई, जिससे तेंदुआ नजदीकी वन क्षेत्र की ओर जाए. किसी भी हालत में तेंदुआ गांव की ओर न जाए. तेंदुए को कुएं से निकालते ही वन विभाग की योजना की अनुसार वह जंगल की ओर भाग गया. इसके बाद बछड़े का रेस्क्यू किया गया. रेस्क्यू में उपवनमण्डल अधिकारी रचना शर्मा, प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक अंकुर गुप्ता, रैपुरा रेंज अधिकारी विवेक जैन सहित पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही.
