नरसिंहपुर. पमरे के जबलपुर रेल मंडल के नरसिंहपुर के रेलवे हॉस्पिटल में बुधवार 29 अप्रैल को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक जागरूकता और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में रेलवे डॉक्टर आर.आर. कुर्रे के मार्गदर्शन में स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण किए गए।शिविर में लोगों को टीबी (क्षय रोग) के लक्षण, जांच, इलाज और रोकथाम के बारे में जागरूक किया गया। डॉक्टर ने बताया कि कुपोषण, एड्स, कैंसर, धूम्रपान करने वाले और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों में टीबी का खतरा अधिक होता है। शिविर में कुल 34 लोगों का चेकप किया और 21 लोगों को दवाइयां दी गई।
टीबी को छिपाने के बजाय इलाज कराएं
डॉक्टर ने जोर देकर कहा कि टीबी को छिपाने के बजाय समय पर उसका इलाज कराना महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी प्रेरित करें। डॉक्टर ने यह भी बताया कि टीबी की शीघ्र पहचान, पौष्टिक आहार और समय पर पूरा इलाज अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर सही इलाज न मिले तो टीबी मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) रूप में बदल सकती है, जिससे इलाज और अधिक जटिल हो जाता है। कार्यक्रम का समापन टीबी को छिपाने के बजाय उसका सामना करने और समय पर इलाज कराने के संदेश के साथ हुआ, ताकि देश को टीबी मुक्त बनाया जा सके।

