भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कमर कस ली है। पुलिस परिवहन एवं शोध संस्थान , भोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूरे प्रदेश में 26 अप्रैल 2026 से 10 मई 2026 तक हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं में से 50 प्रतिशत मृत्यु दोपहिया वाहन चालकों की होती है। इनमें से अधिकांश मौतों का मुख्य कारण चालक द्वारा हेलमेट न पहनना पाया गया है। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए पुलिस विभाग अब हेलमेट की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करने जा रहा है।
अभियान के प्रमुख बिंदु
कड़ी चालानी कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन: हेलमेट न पहनने वाले उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध न केवल चालानी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि पीओएस मशीनों के माध्यम से उनके ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने हेतु परिवहन विभाग को प्रस्ताव भी भेजे जाएंगे।
युवाओं और महिलाओं पर विशेष ध्यान: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और महिला चालकों को हेलमेट के प्रति जागरूक करना है।
शिक्षण संस्थानों में जागरूकता: पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों और हेलमेट के महत्व के प्रति शिक्षित करेंगी।
सोशल मीडिया का उपयोग: फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से यातायात जागरूकता संदेश और लघु वीडियो साझा कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेक शर्मा और सहायक पुलिस महानिरीक्षक राजेश कुमार मिश्र द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अभियान केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनमानस के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला होना चाहिए। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों (भोपाल/इंदौर) को निर्देशित किया गया है कि वे इस अभियान की दैनिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से मुख्यालय को भेजें।
