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बिजली विभाग की रडार पर 'गुमशुदा' बकायादार, जबलपुर में हुई बड़ी वसूली

 


जबलपुर। शहर में शनिवार को बिजली विभाग ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए उन उपभोक्ताओं से बकाया राशि वसूल की जिनके कनेक्शन वर्षों पहले काटे जा चुके थे। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के नगर वृत्त के अंतर्गत आने वाले पांचों संभागों में यह सघन अभियान चलाया गया। विभाग ने उन प्रकरणों को प्राथमिकता दी जिनमें बिल भुगतान न होने के कारण मीटर बहुत पहले ही निकाल लिए गए थे और उपभोक्ताओं के खाते स्थायी रूप से विच्छेदित (पी.डी.) कर दिए गए थे।

​सुनियोजित रणनीति से हुई 17 लाख की वसूली

​इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए पिछले तीन दिनों से विभाग के शीर्ष अधिकारियों द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों और लाइन स्टाफ के साथ बैठकों का दौर चला। शनिवार को रणनीति के तहत 25 अलग-अलग टीमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रवाना हुईं। इन टीमों ने तकनीक का उपयोग करते हुए उन 157 पुराने प्रकरणों को खोज निकाला जिन्हें उपभोक्ता लगभग भूल चुके थे। इस कार्यवाही के दौरान विभाग ने एक ही दिन में 17 लाख रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की। इनमें से अधिकांश प्रकरण 5 से 6 वर्ष पुराने थे, जिनमें वसूली करना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।

​समाधान योजना से मिला उपभोक्ताओं को लाभ

​कार्यवाही के दौरान उन उपभोक्ताओं को राहत भी मिली जो शासन की वर्तमान समाधान योजना के दायरे में आते थे। इस योजना के चलते बकायादारों को उनके बिलों पर लगे भारी-भरकम सरचार्ज में विशेष छूट प्रदान की गई। इससे उपभोक्ताओं को मूल राशि और कम हुए ब्याज के साथ अपना पुराना हिसाब चुकता करने का अवसर मिला। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि उपभोक्ता इस अवधि में स्वयं आगे आकर राशि जमा करते हैं, तो वे सरचार्ज में छूट का लाभ उठाते हुए कानूनी कार्यवाही से बच सकते हैं।

​15 मई तक जारी रहेगा वसूली अभियान

​नगर वृत्त के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के अनुसार यह मुहिम अभी थमी नहीं है और आगामी 15 मई तक निरंतर जारी रहेगी। विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर में अभी भी स्थायी रूप से विच्छेदित प्रकरणों में लगभग 19 करोड़ रुपये की राशि वसूली के लिए शेष है। विभाग का मुख्य उद्देश्य इस बकाया राशि को वसूल कर राजस्व की क्षति को कम करना है। आने वाले दिनों में लाइन स्टाफ और मैदानी कर्मचारियों के माध्यम से इस अभियान को और अधिक गति दी जाएगी।

​कार्रवाई जारी रहेगी: अरोरा

​इस पूरे अभियान की सफलता में अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा की कार्यप्रणाली और ठोस प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके कुशल मार्गदर्शन में विभाग ने तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण कर उन डिफाल्टरों की सूची तैयार की थी जो लंबे समय से रडार से बाहर थे। संजय अरोरा ने मैदानी अमले का उत्साहवर्धन करते हुए स्पष्ट किया है कि बकाया राशि की वसूली के लिए विभाग हर संभव प्रयास करेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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