MPPSC की नई गाइडलाइन के अनुसार केंद्रों पर अभ्यर्थियों को थ्री लेयर सिक्योरिटी से गुजरना होगा। इसमें हर उम्मीदवार को 5 से 7 मिनट का समय लगेगा। जिसके चलते एग्जाम सेंटर आने का समय 90 मिनट पहले किया गया है। पहले यह समय 45 मिनट पहले था। वहीं परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही केंद्रों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। 26 अप्रैल को होने वाली एग्जाम में नए नियम लागू किए जा रहे हैं। जो सिक्योरिटी के लिहाज से काफी अच्छे हैं।
ऐसी होगी होगी अब थ्री लेयर चेकिंग-
क्यूआर कोड स्कैनिंग-
एग्जाम सेंटर में अभ्यर्थी के एंट्री के दौरान एडमिट कार्ड की जांच होगी जिस पर एक क्यूआर कोड रहेगा। इस कोड को स्कैन करने से अभ्यर्थी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।
बायोमैट्रिक सत्यापन-
अभ्यर्थी की डिजिटल पहचान ली जाएगी। सबसे पहले आई स्कैन होगी इसके बाद फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन के बाद डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया होगी।
फ्रिस्किंग प्रक्रिया-
मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी, इसके बाद मैन्युअल तलाशी ली जाएगी, ताकि कोई भी गैजेट अंदर न ले जाया जा सके।
राज्य सेवा परीक्षा के लिए 155 व राज्य वन सेवा के लिए 36 पद-
भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य सेवा परीक्षा के लिए 155 और राज्य वन सेवा के लिए 36 पद हैं। आवेदन प्रक्रिया में करीब 1 लाख 35 हजार अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है। एडमिट कार्ड 16 अप्रैल से जारी होंगे, जबकि परीक्षा 26 अप्रैल को आयोजित होगी। परीक्षा के लिए मध्यप्रदेश के 54 जिलों में केंद्र बनाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी केंद्रों पर एक जैसी सुरक्षा और जांच व्यवस्था लागू रहेगी। परीक्षा दो चरणों में होगी। पहला पेपर सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य अध्ययन का होगा। इसके बाद दूसरा पेपर दोपहर 2.15 से 4.15 बजे तक सामान्य अभिरुचि (विषय आधारित) का आयोजित किया जाएगा।
गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे
एमपीपीएसी ने 2026 की प्रारंभिक परीक्षा में पहली बार नेगेटिव मार्किंग लागू की है। अब प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे। इसका मतलब है कि तीन गलत उत्तर एक सही उत्तर के अंक (3 अंक) को खत्म कर देंगे।