प्रबंध संचालक ने फील्ड अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए
जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने सिंहस्थ 2028 की विद्युत व्यवस्थाओं को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जबलपुर स्थित मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने उज्जैन क्षेत्र में होने वाले कार्यों की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की। इस बैठक में प्रदेश भर के मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कंपनी का मुख्य लक्ष्य इस विशाल धार्मिक आयोजन के लिए एक मजबूत और निर्बाध बिजली बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
निगरानी के लिए नया सिस्टम
प्रबंध संचालक ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ से संबंधित सभी निर्माण और विस्तार कार्यों को पी.ई.आर.टी चार्ट के माध्यम से ट्रैक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों का विभाजन चरणों में होना चाहिए ताकि हर स्तर पर प्रगति की सटीक जानकारी मिल सके। परियोजना की सफलता के लिए समयबद्धता को सबसे महत्वपूर्ण कारक माना गया है। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि सभी तकनीकी कार्य मुख्य आयोजन से 1 वर्ष पहले ही पूरे कर लिए जाएं ताकि अंतिम समय में किसी भी प्रकार की टेस्टिंग या सुधार के लिए पर्याप्त अवसर रहे।
अन्य विभागों के साथ तालमेल
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रत्येक परियोजना के लिए अधिकारियों के उत्तरदायित्व तय किए जाएं। प्रबंध संचालक के अनुसार सिंहस्थ राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है, इसलिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना अनिवार्य है। कार्यों में आने वाली संभावित बाधाओं की पहचान पहले से करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मौके पर काम न रुके। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
गुणवत्ता मानक से समझौता न हो
बिजली लाइनों के विस्तार और नए सब-स्टेशनों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की हिदायत दी गई है। सुनील तिवारी ने कहा कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना क्षेत्रीय इंजीनियरों की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने बुनियादी ढांचे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। बैठक में उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित नई लाइनों और पारेषण क्षमता में वृद्धि के तकनीकी पहलुओं पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।
वित्तीय पहलुओं पर भी जोर
बैठक के समापन सत्र में प्रबंध संचालक ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों से पूर्व कार्य निष्पादन के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि बेहतर योजना और नियमित मॉनिटरिंग से एमपी ट्रांसको इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाएगा। इस दौरान मुख्यालय के तकनीकी विशेषज्ञों और क्षेत्रीय केंद्रों के प्रभारियों ने अपनी कार्ययोजना साझा की। बैठक में कंपनी की वित्तीय और तकनीकी तैयारियों की समीक्षा भी की गई ताकि संसाधनों की कमी काम में आड़े न आए।
