khabar abhi tak

एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2026 कल: पहली बार प्रवेश पत्र की होगी डिजिटल स्कैनिंग



जबलपुर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को किया जा रहा है। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए जबलपुर संभाग के 14 केंद्रों सहित पूरे प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों पर 365 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया है। संभागायुक्त कार्यालय के निर्देशों के अनुसार केंद्रों पर त्रिस्तरीय जांच प्रणाली अपनाई जाएगी, जिसमें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की डिजिटल स्कैनिंग और एचएचएमडी उपकरणों से सघन तलाशी शामिल है।

दो सत्रों में होगी परीक्षा,90 मिनिट पहले एंट्री

यह परीक्षा रविवार को दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित होगी। प्रथम सत्र सुबह 10 बजे से 12 बजे तक निर्धारित है, जबकि द्वितीय सत्र दोपहर 02:15 बजे से 04:15 बजे तक संचालित होगा। नए सुरक्षा नियमों के तहत सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय से 90 मिनट पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना अनिवार्य है। देरी से आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। केंद्रों पर प्रवेश द्वार पर ही अनुमत और वर्जित वस्तुओं की सूची प्रदर्शित की गई है ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति निर्मित न हो।

तलाशी के कड़े नियम ताकि नकल न हो

परीक्षा कक्ष के भीतर जूते-मोजे पहनकर प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षार्थी केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही बैठ सकेंगे। तलाशी की प्रक्रिया में गरिमा का विशेष ध्यान रखा गया है, जहां महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला कर्मचारियों द्वारा अलग केबिन में की जाएगी। ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कर्मचारी से जांच कराने की छूट दी गई है। धार्मिक पहचान जैसे पगड़ी, हिजाब या धागे का सूक्ष्म निरीक्षण किया जाएगा, लेकिन आभूषणों को उतारने की बाध्यता नहीं होगी। कफलिंक, बेल्ट, चश्मा, घड़ी और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को केंद्र के भीतर ले जाना प्रतिबंधित है।

क्या है,जो परीक्षा में वर्जित रहेगा

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को किया जा रहा है। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए जबलपुर संभाग के 14 केंद्रों सहित पूरे प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों पर 365 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया है। संभागायुक्त कार्यालय के निर्देशों के अनुसार केंद्रों पर त्रिस्तरीय जांच प्रणाली अपनाई जाएगी, जिसमें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की डिजिटल स्कैनिंग और एचएचएमडी उपकरणों से सघन तलाशी शामिल है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak