जबलपुर । जिले की पाटन विधानसभा क्षेत्र में गेहूं उपार्जन कार्य को लेकर उपजे विवाद के बाद अब स्व सहायता समूह की महिलाएं काम करने के लिए सहमत हो गई हैं। पूर्व में इन महिलाओं ने फर्जी पत्रकारों और भ्रष्ट अधिकारियों के दबाव के कारण गेहूं खरीदी से हाथ पीछे खींच लिए थे। इस गंभीर समस्या को लेकर महिलाओं ने क्षेत्रीय विधायक अजय बिश्नोई के नेतृत्व में जिला कलेक्टर से मुलाकात की और अपनी सुरक्षा व कार्यप्रणाली को लेकर ठोस आश्वासन मांगा। प्रशासन के साथ हुई चर्चा में यह तय हुआ कि अब केंद्रों पर आने वाले हर अधिकारी और मीडियाकर्मी की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर लगाम कसी जा सके।
वसूली और धमकियों से परेशान समूह की महिलाएं
पाटन क्षेत्र के 16 विभिन्न स्थानों पर संचालित स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें काम के दौरान कई तरह की मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं के अनुसार गेहूं खरीदी प्रक्रिया के दौरान केंद्रों पर पहुंचने वाले सर्वेयर और कुछ विभागीय अधिकारी अनैतिक रूप से पैसों की मांग करते हैं। इसके अतिरिक्त कई ऐसे व्यक्ति भी केंद्रों पर दस्तक देते हैं जो स्वयं को पत्रकार बताते हैं और कवरेज के नाम पर डराते-धमकाते हैं। इन फर्जी पत्रकारों द्वारा भ्रष्टाचार की खबर चलाने की धमकी देकर अवैध रूप से राशि की मांग की जाती है, जिससे तंग आकर महिलाओं ने केंद्र बंद करने का मन बना लिया था।
विधायक अजय बिश्नोई का हस्तक्षेप और चेतावनी
इस पूरे मामले में बीजेपी विधायक अजय बिश्नोई ने महिलाओं का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि पाटन क्षेत्र में पहले ही कई खरीदी केंद्र विभिन्न अनियमितताओं के कारण बंद हो चुके हैं और संबंधित संस्थाओं को सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में यदि स्व सहायता समूह की महिलाएं भी पीछे हटती हैं, तो क्षेत्र के किसानों के लिए अपनी उपज बेचना असंभव हो जाएगा। विधायक ने स्पष्ट किया कि महिलाएं ईमानदारी से काम करना चाहती हैं, लेकिन वे बाहरी दबाव और वसूली को बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इन केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं ताकि पारदर्शी तरीके से खरीदी संपन्न हो सके।
वीडियो रिकॉर्डिंग की शर्त पर काम हुआ बहाल
कलेक्टर और विधायक के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब पाटन के सभी 16 खरीदी केंद्रों पर आने वाले हर उस व्यक्ति की अनिवार्य रूप से वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी जो अधिकारी या पत्रकार के रूप में वहां पहुंचेगा। इस कदम का उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोकना और महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना है। इस नई व्यवस्था पर सहमति बनने के बाद महिलाओं ने गेहूं खरीदी का काम पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि किसी भी प्रकार की वसूली या डराने-धमकाने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि किसानों और समूहों को कोई असुविधा न हो।
