जबलपुर। जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में व्यापक स्तर पर कांबिंग गस्त की गई। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को पकड़ा। 25 अप्रैल की रात 9 बजे से शुरू होकर 26 अप्रैल की तड़के 2 बजे तक चली इस घेराबंदी में पुलिस ने कुल 263 वारंट तामील करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा का वातावरण निर्मित करना और असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त करना रहा।
सघन छापेमारी और वारंटियों की धरपकड़
इस अभियान के दौरान पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से शहर और देहात के थाना क्षेत्रों में दबिश दी। कार्रवाई में 131 स्थाई वारंट और 77 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। इसके अतिरिक्त 55 जमानती वारंटों पर भी कार्रवाई की गई। पकड़े गए अधिकांश आरोपी कई वर्षों से पुलिस की पकड़ से बाहर थे और अपनी पहचान छिपाकर विभिन्न स्थानों पर रह रहे थे। इन सभी आरोपियों को संबंधित थानों द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। इस बड़ी संख्या में हुई गिरफ्तारियों से जिले के लंबित आपराधिक मामलों के निराकरण में तेजी आएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में गश्त
कांबिंग गस्त का संचालन जिले के समस्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों और नगर पुलिस अधीक्षकों की प्रत्यक्ष उपस्थिति में किया गया। जिले भर के थाना प्रभारियों ने अपने स्टाफ के साथ अलग-अलग टीमें बनाकर चिह्नित ठिकानों पर छापेमारी की। उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों ने इन टीमों का नेतृत्व किया। रात भर चली इस कवायद में पुलिस बल ने पूरी मुस्तैदी के साथ संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली और सूचीबद्ध अपराधियों को हिरासत में लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक अभियान जारी रहेंगे।
सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा जांच
वारंटियों की धरपकड़ के साथ-साथ पुलिस टीमों ने शहर के संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुसाफिरखानों में ठहरे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की गई। देर रात सड़कों पर घूमने वाले लोगों से पूछताछ की गई और उनके वाहनों की जांच हुई। सूचीबद्ध गुंडों और बदमाशों की वर्तमान गतिविधियों को भी जांचा गया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
