
नई दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीईई (जी) संजीव कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ रेलवे ठेकेदार एके झा ने सीबीआइ को शिकायत की थी। रेल अधिकारी के आफिस व बंगले में भी छापामारी की गई. इस कार्रवाई से दफ्तर में तैनात अन्य अधिकारी, कर्मचारी काम छोड़कर ही भाग निकले.
शिकायत के मुताबिक, धनबाद स्टेशन पर लिफ्ट के ऑटोमेशन समेत अन्य कार्यों का टेंडर ठेकेदार को मिला था। काम पूरा होने में देरी होने पर विभाग की ओर से जुर्माना लगाया गया था। बिल पास करने में टालमटोल की जा रही थी। बिल पास कराने के बदले में ही उनसे रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर सीबीआइ ने शुक्रवार को सीनियर डीईई (जी) के डीआरएम कार्यालय स्थित दफ्तर और पूजा टाकीज के पास स्थित बंगले पर एक साथ छापेमारी की। इसी दौरान संजीव कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्यालय में उनके टेबल के ड्रावर से 50 हजार रुपये और घर से करीब डेढ़ लाख रुपये बरामद किए गए हैं। सीबीआइ की टीम देर रात सवा 11 बजे तक सीनियर डीईई (जी) के कार्यालय में जांच पड़ताल में जुटी रही। प्रिंटर और काफी मात्रा में दस्तावेज जब्त किये गये। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
8 वर्षों से जमे हैं संजीव
आइआरएसईई अधिकारी संजीव कुमार धनबाद रेल मंडल में सीनियर डीईई (जी) के पद पर कार्यरत हैं। धनबाद मंडल में लगभग आठ वर्षों से जमे संजीव इससे पहले मंडल में सीनियर डीईई (ओपी) के पद पर भी रह चुके हैं। सीनियर डीई टीआरएस गोमो के रूप में भी सेवारत रहे हैं।
इलेक्ट्रिकल विभाग के कर्मचारियों से पूछताछ
सीबीआई की टीम विभाग के कर्मचारियों से भी पूछताछ की, जो रात लगभग सवा 11 बजे तक चलती रही, जिसके बाद कर्मचारियों को कार्यालय छोडऩे की अनुमति मिली।