जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने माध्यमिक शिक्षक (खेल) भर्ती 2024 से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस पद के अंतर्गत की जाने वाली सभी नियुक्तियां वर्तमान याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। साथ ही अदालत ने राज्य शासन, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के डायरेक्टर और कमिश्नर तथा कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह याचिका मुरैना निवासी सुरेन्द्र सिंह राजावत सहित अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज़ सत्यापन में उनके डी.पी.एड. (डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन) को बी.पी.एड. के समकक्ष मानने से इंकार कर दिया गया, जबकि विज्ञापन में समकक्ष योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को पात्र बताया गया था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया ने अदालत को बताया कि सभी अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए, उनका नाम मेरिट सूची में भी आया और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद बाद में मौखिक रूप से कहा गया कि उनकी डी.पी.एड. योग्यता को बी.पी.एड. के बराबर नहीं माना जाएगा। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर और लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा पहले जारी पत्रों में एक वर्षीय डी.पी.एड. को बी.पी.एड. के समकक्ष मानने का स्पष्टीकरण दिया जा चुका है। गौरतलब है कि MPESB द्वारा जारी शिक्षक भर्ती 2024 में कुल 9,882 पद थे, जिनमें माध्यमिक शिक्षक (खेल) के 338 पद शामिल हैं। इससे पहले भी इस भर्ती का परिणाम हाईकोर्ट में विवाद में रहा था और सितंबर 2025 में परिणाम अदालत के आदेश के अधीन जारी किया गया था।
