बताया गया है कि इंकार सिंह सैय्याम अपने भतीजे पुनेश के साथ साइकल से पाद्रीगंज के जंगल में लकड़ी बीनने गया था। जब वे जंगल के अंदर लकड़ी बीन रहे थे तभी बाघ ने हमला कर दिया। बाघ द्वारा हमला करते देख पुनेश साइकल से जान बचाकर चीखते हुए भाग निकला। वहीं बाघ ने इंकारसिंह सैय्याम को मार दिया। पुनेश ने गांव में लोगों को खबर दी, इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को बताया। सभी लोग जंगल पहुंचे तो देखा कि इंकार सिंह मृत हालत में पड़े है, पूरे शरीर पर बाघ के हमले के निशान मिले। वन विभाग ने मृतक के परिजन को 20 हजार की सहायता राशि दी है। साथ ही ग्रामीणों को जंगल में प्रवेश न करने की सख्त हिदायत दी है। इससे पहले ग्रामीण थाना क्षेत्र में खेत में काम कर रहे एक किसान पर तेंदुए के हमले की घटना भी सामने आई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया है।