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झूलते तार कभी भी बन सकते हैं मासूमों की मौत का सबब,अफसर बेसुध




जबलपुर: बिजली के लटकते तारों ने बनाया 'डेथ ट्रैप', विभाग की लापरवाही से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा,ऐसा लगता है कि बिजली विभाग किसी बड़ी अनहोनी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है

जबलपुर। संस्कारधानी के नवनिवेश कॉलोनी क्षेत्र में इन दिनों विकास की नहीं, बल्कि विनाश की सुगबुगाहट है। कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर बिजली के तारों का जो मकड़जाल फैला है, वह किसी भी समय एक बड़े खूनी हादसे में तब्दील हो सकता है। रुद्रक्ष पार्क के सामने की सड़क पर जिस तरह से चालू बिजली के तार झूल रहे हैं, उसे देखकर ऐसा लगता है कि बिजली विभाग किसी बड़ी अनहोनी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह है कि पिछले दस दिनों से यह समस्या जस की तस बनी हुई है और अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागने को तैयार नहीं हैं।

सिर पर मौत का साया, अधिकारियों की आंखों पर बंधी पट्टी

​नवनिवेश कॉलोनी रुद्रक्ष पार्क के सामने से गुजरना इन दिनों जान जोखिम में डालने जैसा है। सड़क के ऊपर चालू बिजली की लाइनों का झुंड इतना नीचे आ गया है कि पैदल चलने वालों के सिर से बस चंद इंच की दूरी पर मौत मंडराती रहती है। स्थानीय निवासियों ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि हम हर दिन भगवान का नाम लेकर इस सड़क से गुजरते हैं। हमें नहीं पता कि कब कौन सा तार टूटकर गिर जाए और हंसता-खेलता परिवार उजड़ जाए। पिछले 10 दिनों से बिजली के तारों का यह गुच्छा सड़क के बिल्कुल नजदीक आ गया है, लेकिन शिकायत के बाद भी जिम्मेदार विभाग की चुप्पी यह दर्शाती है कि आम आदमी की जान की कीमत इनके लिए कुछ भी नहीं है।

भगवान भरोसे जिंदगियां:किसे दोष दें

​सड़क पर पसरी इस अव्यवस्था को लेकर कॉलोनी के युवाओं और बुजुर्गों में भारी रोष है। जितेंद्र साहू, शुभम साहू और चंदन कोरी जैसे जागरूक नागरिकों का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारी दफ्तरों में बैठकर फाइलों में व्यस्त हैं, जबकि जमीन पर मौत का जाल बिछा हुआ है। यहाँ से गुजरने वाले हर व्यक्ति के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता है। लोगों का कहना है कि विभाग को बार-बार अवगत कराया गया है कि इन तारों को व्यवस्थित किया जाए, लेकिन विभाग शायद तब जागेगा जब कोई बेगुनाह इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा देगा। यह केवल बिजली की लाइन नहीं, बल्कि प्रशासन की नाकामी का वह जीता-जागता सबूत है जो जनता को चिढ़ा रहा है।

हजारों जिंदगियां दांव पर, क्या किसी मासूम की बलि का इंतजार है?

​इस मार्ग की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ से केवल नवनिवेश कॉलोनी ही नहीं, बल्कि भूकंप कॉलोनी, दुर्गा नगर, श्याम नगर, शांति नगर और महावीर नगर जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सबसे भयावह स्थिति स्कूली बच्चों की है। छोटे-छोटे बच्चों को लेकर निकलने वाली स्कूल वैन और ऑटो हर समय इन तारों के नीचे से गुजरते हैं। यदि कोई चालू तार किसी वैन पर गिर गया, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? स्थानीय जनों ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि बिजली विभाग अपनी सुस्ती छोड़े और तत्काल इन झूलते तारों को दुरुस्त करे, वरना किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की होगी।

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