जबलपुर मुख्यालय की कोर टीम के नेतृत्व में प्रदेशभर के सबस्टेशनों पर नवनियुक्त इंजीनियरों को मिली व्यावहारिक सीख
जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने कार्यबल को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नवनियुक्त जूनियर इंजीनियरों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्युत पारेषण के क्षेत्र में नए अधिकारियों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करना और उन्हें मैदानी चुनौतियों से अवगत कराना है। प्रशिक्षण की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि प्रशिक्षु भविष्य में प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सक्षम हो सकें।
नए मेंबर्स की केवल किताबी ज्ञान न मिले
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य केंद्र जबलपुर स्थित मुख्यालय है, जहाँ से इस पूरे अभियान की निगरानी की जा रही है। कंपनी प्रबंधन ने इस विशेष प्रशिक्षण के लिए एक कोर टीम का गठन किया है। यह टीम नवनियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं के लिए पाठ्यक्रम और मॉड्यूल तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रही है। कोर टीम के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जूनियर इंजीनियरों को केवल किताबी ज्ञान न मिले, बल्कि उन्हें उन वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाए जिनका सामना उन्हें भविष्य में सबस्टेशनों पर करना होगा। तकनीकी दक्षता विकसित करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा नियमित अंतराल पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रदेशव्यापी सर्किल स्तर पर अनुभवी मेंटर्स की भूमिका
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल मुख्यालय तक सीमित न रहकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सर्किल स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। कंपनी ने इसके लिए अनुभवी अधिकारियों को मेंटर्स के रूप में नियुक्त किया है। ये मेंटर्स अपने वर्षों के अनुभव को नए इंजीनियरों के साथ साझा कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान कार्य निष्पादन की बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेंटर्स द्वारा दी जा रही व्यावहारिक जानकारी प्रशिक्षुओं को बिजली क्षेत्र की जटिलताओं को समझने में मदद कर रही है। इसमें तकनीकी कौशल के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान का समन्वय किया गया है ताकि कार्यक्षेत्र में निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके।प्रशिक्षण के प्रारंभिक चरण में इंदौर स्थित 220 केवी मांगलिया सबस्टेशन को एक प्रमुख शिक्षण केंद्र के रूप में चुना गया है। यहाँ कार्यपालन अभियंता विनीता भावसार ने मेंटर की भूमिका निभाते हुए नवनियुक्त जूनियर इंजीनियरों को ट्रांसमिशन सिस्टम की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया। इस सत्र में इंजीनियरों को सबस्टेशन के आंतरिक ढांचे और वहां स्थापित उपकरणों की कार्यप्रणाली को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। फील्ड विजिट के माध्यम से बिजली पारेषण की निरंतरता बनाए रखने की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संचालन, रखरखाव और सेफ्टी पर ज्यादा जोर
प्रशिक्षण का एक बड़ा हिस्सा सबस्टेशन के दैनिक संचालन और समय-समय पर होने वाले रखरखाव पर केंद्रित है। कनिष्ठ अभियंताओं को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों, जैसे कि ग्रिड ट्रिपिंग या तकनीकी खराबी के दौरान त्वरित कार्रवाई करने की कार्यप्रणाली सिखाई जा रही है। जूनियर इंजीनियरों को आधुनिक मशीनों और डिजिटल प्रणालियों के उपयोग के बारे में भी बताया गया है जो पारेषण की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होते हैं।
