पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवक का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल एक सड़क दुर्घटना थी, न कि कोई सोची-समझी साजिश
तेज रफ्तार कार ने इनोवा को मारी थी टक्कर
घटना 20 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे की है। सांसद सुमित्रा बाल्मीक अपने वाहन (इनोवा कार क्रमांक MP 20 ZD 7788 से अंधमुख बायपास से रांझी की ओर आ रही थीं। जैसे ही उनकी गाड़ी रांझी गोकलपुर स्थित लक्ष्मी मंदिर के पास पहुंची, पीछे से आ रही एक सफेद रंग की कार के चालक ने लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए सांसद के वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद आरोपी चालक तेजी से अपनी कार लेकर खमरिया की तरफ भाग निकला था। इस मामले में सांसद के चालक ने रांझी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
सीसीटीवी फुटेज और 'पुलिस' स्टीकर से मिला सुराग
चूंकि मामला राज्यसभा सांसद से जुड़ा था और उन्होंने इस घटना को लेकर कुछ गंभीर आशंकाएं भी जताई थीं, इसलिए पुलिस ने इसे प्राथमिकता पर लिया। रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के नेतृत्व में टीम ने क्षेत्र के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सफेद कार तो नजर आई, लेकिन रात के अंधेरे के कारण नंबर स्पष्ट नहीं हो रहा था। इसी दौरान पुलिस की नजर कार पर लगे एक खास स्टीकर पर पड़ी, जिस पर 'पुलिस' लिखा हुआ था। इसी छोटे से सुराग ने जांच की दिशा बदल दी।
हेड कांस्टेबल का बेटा निकला आरोपी
स्टीकर के आधार पर पड़ताल करते हुए पुलिस मनमोहन नगर निवासी मनीष नामक युवक तक पहुंची। कड़ाई से पूछताछ करने पर मनीष ने 20 फरवरी की रात सांसद की गाड़ी को टक्कर मारने की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में पता चला कि आरोपी के पिता एसएएफ में हेड कांस्टेबल हैं, जिसके कारण कार पर पुलिस का स्टीकर लगा हुआ था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवक का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल एक सड़क दुर्घटना थी, न कि कोई सोची-समझी साजिश। पुलिस ने वाहन जब्त कर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की है।
