जबलपुर। रेल पुलिस अधीक्षक शिमाला प्रसाद को डीआईजी के पद पर पदोन्नत किए जाने के बाद विभाग के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस पदोन्नति के बाद रिक्त हो रहे पद को भरने के लिए विभागीय स्तर पर कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार जबलपुर जीआरपी की कमान अब सिवनी के वर्तमान एसपी को सौंपी जा सकती है। हालांकि इस संबंध में शासन द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है लेकिन पुलिस महकमे में संभावित बदलाव को लेकर सरगर्मी बनी हुई है। वर्तमान रेल एसपी के उच्च पद पर जाने को विभाग में एक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
दौड़ में किसका नाम सबसे आगे
प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और कानून व्यवस्था बनाए रखने के अनुभव के आधार पर सिवनी एसपी को यह नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। जबलपुर रेल मंडल की संवेदनशीलता और स्टेशनों पर बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए यहां एक अनुभवी अधिकारी की आवश्यकता महसूस की जा रही है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर रेल परिसरों में भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इन्ही सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उच्चाधिकारियों द्वारा जल्द ही रणनीतिक निर्णय लिए जाने की संभावना है। नए रेल एसपी की तैनाती को लेकर जीआरपी अमले में भी काफी उत्सुकता देखी जा रही है और आदेश जारी होते ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
सुरक्षा चुनौतियों के बीच नए अधिकारी की तलाश
जबलपुर जीआरपी इकाई पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले प्रमुख स्टेशनों और लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था का संचालन करती है। रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ ही चोरी, लूट, नशाखोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने का जिम्मा इसी इकाई के पास होता है। रेल परिसरों में अपराधियों की धरपकड़ और अपराधों पर नियंत्रण पाना नए अधिकारी की प्राथमिकता होगी। फिलहाल नई तैनाती को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और विभाग एक ऐसे नेतृत्व की तलाश में है जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर कार्य कर सके।
