जबलपुर. रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों के लिए जारी किए जाने वाले मेडिकल पास में अहम बदलाव किए हैं। रेल मंत्रालय के इस नए आदेश का उद्ेदश्य उन मुश्किलों को दूर करना है, जिनका सामना कर्मचारियों को मेडिकल इलाज के बाद वापसी की यात्रा के लिए पास लेने में करना पड़ता था। इससे पश्चिम मध्य रेलवे के कर्मचारियों को काफी फायदा होगा।
उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि दूसरे शहरों में इलाज कराने के बाद वापसी की यात्रा के दौरान कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह यह थी कि शुरुआती मेडिकल पास पर जारी करने वाले अधिकारी का एंडोर्समेंट (पुष्टि) नहीं होता था। इस वजह से, जिस रेलवे ज़ोन में अस्पताल होता था, वहां के अधिकारी वापसी की यात्रा के लिए नया पास जारी नहीं कर पाते थे।
अधिकारी का एंडोर्समेंट जरूरी
इस समस्या को हल करने के लिए, बोर्ड ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि अब हर आउटस्टेशन मेडिकल पास पर संबंधित अधिकारी का एंडोर्समेंट होना ज़रूरी है। यह एंडोर्समेंट अस्पताल वाले रेलवे ज़ोन के अधिकारी को कर्मचारी की वापसी की यात्रा के लिए मेडिकल पास जारी करने का अधिकार देगा। नए नियमों के तहत, कर्मचारियों को मेडिकल पास की एक कॉपी, टिकट की एक कॉपी, और अस्पताल से जुड़े दस्तावेज़—जैसे रसीदें, पर्चे या डिस्चार्ज समरी—जमा करने होंगे। इन दस्तावेज़ों का इस्तेमाल यह जाँचने के लिए किया जाएगा कि क्या कर्मचारी का इलाज तय समय से ज़्यादा चला, जिसकी वजह से उन्हें वहाँ ज़्यादा समय तक रुकना पड़ा।
