जबलपुर। शहर की पहचान माने जाने वाली ऐतिहासिक मदन महल पहाड़ी पर आज सुबह से प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। माननीय उच्चतम न्यायालय के कड़े रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन ने इस पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने का संकल्प लिया है। इस व्यापक अभियान की रूपरेखा कई दिनों पहले ही तैयार कर ली गई थी जिसे आज धरातल पर उतारा गया। नगर निगम, राजस्व विभाग और जिला पुलिस की संयुक्त टीम इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रही है।
आईसीएमआर के समीप मशीनरी तैनात
पहाड़ी के निचले और मध्य हिस्सों में स्थित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए पुरवा क्षेत्र के आईसीएमआर कार्यालय के समीप भारी मशीनरी तैनात की गई है। प्रशासनिक अमला अपने साथ जेसीबी मशीनों और डंपरों का बड़ा बेड़ा लेकर पहुंचा है। पूर्व में की गई निशानदेही के आधार पर अवैध मकानों और बाउंड्री वॉल को गिराने का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से पहाड़ी की मूल भूमि को वापस प्राप्त करना प्राथमिकता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा के इंतजाम और पुलिस मौजूद
क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे पहाड़ी क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी संभावित विरोध या तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ महिला पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर मौजूद हैं। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले इलाके में लगातार मुनादी कर लोगों को सचेत कर दिया था। इस पूरी कवायद का मुख्य लक्ष्य ऐतिहासिक मदन महल क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाना और इसकी प्राचीन गरिमा को पुनः स्थापित करना है। पहाड़ी पर चल रही यह कार्यवाही आने वाले दिनों में और अधिक विस्तार ले सकती है ताकि पूरे क्षेत्र को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सके। स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित होकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
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