इस मौके पर विपक्ष के नेता अमरीश मिश्रा ने कहा कि बजट पेश करने से पहले कम से कम दो दिन शहर की मूलभूत समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से मुद्दे उठाए जा रहे हैं लेकिन समाधान नहीं हो रहा। विपक्ष ने कहा कि शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रभावित है। कई वार्डों में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। पार्षदों ने कहा कि पार्षद मद से होने वाले विकास कार्य लंबे समय से बंद हैं। इसके कारण वार्डों में जरूरी काम नहीं हो पा रहे हैं। विपक्ष ने शहर में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतों का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि इस पर कोई आपात बैठक नहीं बुलाई गई। विपक्षी पार्षदों ने महापौर पर प्रचार पर ध्यान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली बजट घोषणाओं के कई काम अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। वे सदन का सम्मान करते हैं लेकिन समस्याओं पर अलग से चर्चा का समय तय नहीं हुआ तो विरोध जारी रहेगा।