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जबलपुर:एमएलटी वेयरहाउस की फाइलों में क्या छिपा है? मुख्यमंत्री के एक निर्देश से मची खलबली

 



जबलपुर। भारतीय किसान संघ के एक उच्च स्तरीय प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनके भोपाल स्थित निवास के ममत्व भवन में विशेष भेंट की। इस मुलाकात के दौरान किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और एक मांग पत्र सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर करने की पुरजोर मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।

किसानों की प्रमुख मांगें और बुनियादी समस्याएं

​बैठक के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गौर ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ संवाद के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी, खाद, बीज की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था और उड़द-मूंग की खरीदी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया। किसान संघ ने मांग की है कि भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को बाजार दर का चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही व्यक्तिगत तौर पर गौपालन करने वाले किसानों को भी गौशालाओं के समान ही सरकारी अनुदान मिलना चाहिए। मंडियों में उपज की गुणवत्ता जांच के लिए डाकोज टेस्टिंग मशीनें और 10 टन क्षमता के आधुनिक तौल कांटे लगाने का सुझाव भी दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सहकारी संस्थाओं, मंडी समितियों और जल समितियों के चुनाव जल्द कराने, राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने, बिजली संबंधी शिकायतों के लिए फोरम गठित करने और बिजली के भार में की गई वृद्धि को वापस लेने की बात कही। किसानों ने दिन के समय खेती के लिए बिजली देने, पुराने बिजली तारों को बदलने और सौर ऊर्जा उपकरणों पर 100 प्रतिशत अनुदान देने की आवश्यकता पर बल दिया। विकास प्राधिकरणों की लैंड पुलिंग योजना से किसानों को बाहर रखने और कृषि यंत्रों पर जीएसटी कम कर उन्हें अनुदान पर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।

मूंग घोटाला और लंबित भुगतान का गंभीर मुद्दा

​क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा करते हुए प्रांत महामंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जबलपुर, कटनी और मऊगंज जिले के किसानों के रुके हुए भुगतान का मामला गंभीरता से उठाया। उन्होंने मांग की कि किसानों का बकाया पैसा शीघ्र जारी किया जाए। श्री पटेल ने नरसिंहपुर कृषि उपज मंडी का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने, दाईं व बाईं तट की नहरों की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत करने और भावांतर योजना के लंबित भुगतान को क्लीयर करने का आग्रह किया। इसी दौरान अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटेल ने एमएलटी वेयरहाउस में मूंग खरीदी के दौरान हुए फर्जी पंजीयन और घोटाले के विषय में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्यवाही और पीड़ित किसानों के भुगतान की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल मुख्य सचिव को इस पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रतिनिधि

​मुख्यमंत्री से हुई इस महत्वपूर्ण चर्चा में भारतीय किसान संघ के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और तीनों प्रांतों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इस अवसर पर क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष राम भरोस वासोतिया, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटेल और कार्यकारिणी सदस्य गिरिजा ठाकुर की उपस्थिति प्रमुख रही। मालवा प्रांत से अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पटेल और महामंत्री रमेश दांगी, मध्यभारत प्रांत से अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान और महामंत्री शिवनंदन रघुवंशी ने भी अपने विचार रखे। महाकौशल प्रांत का प्रतिनिधित्व महामंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, संगठन मंत्री भरत पटेल, अतुल माहेश्वरी और तुलाराम धीवर ने किया। इनके अतिरिक्त प्रदेश मंत्री आरसी पटेल, दिनेश शर्मा और जबलपुर महानगर प्रचार प्रमुख मनोज मिश्रा भी बैठक में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

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