परिजनों ने जब पैकेट की जांच की तो पाया कि उस पर एक्सपायरी डेट 8 जून 2026 अंकित है
जबलपुर। शहपुरा भिटौनी क्षेत्र में प्रतिष्ठित ब्रांड कैडबरी की चॉकलेट में गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक 14 वर्षीय छात्र द्वारा खरीदी गई कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट के भीतर मरा हुआ कॉकरोच, उसके अंडे और फफूंद पाए गए हैं। कक्षा 8वीं के छात्र अंश सेन ने अपने घर के समीप स्थित एक किराना दुकान से 55 रुपये में यह चॉकलेट खरीदी थी। छात्र ने जैसे ही घर पहुँचकर चॉकलेट का रैपर खोला, उसे उत्पाद के भीतर कीड़े और फफूंद दिखाई दिए। इसके साथ ही चॉकलेट से तीव्र दुर्गंध भी आ रही थी। अंश ने तत्काल इस स्थिति के बारे में अपने परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने जब पैकेट की जांच की तो पाया कि उस पर एक्सपायरी डेट 8 जून 2026 अंकित है। यानी उत्पाद अपनी वैध समय सीमा के भीतर था, इसके बावजूद वह पूरी तरह दूषित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक निकला। छात्र के परिचित मोनू जसवाल के अनुसार यदि बच्चा अनजाने में इसे खा लेता, तो उसकी सेहत को बड़ा खतरा हो सकता था। परिवार ने अब इस दूषित चॉकलेट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रख लिया है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार खाद्य विभाग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है ताकि चॉकलेट के सैंपल की लैब जांच कराई जा सके। इसके अतिरिक्त उपभोक्ता फोरम में भी कंपनी के विरुद्ध मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। परिजनों का कहना है कि नामी कंपनियों द्वारा इस तरह की लापरवाही उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी कार्यवाही आवश्यक है।
