जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने भोपाल में आयोजित सेंट्रल जोन के कार्यपालन अभियंताओं की समीक्षा बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पावर सेक्टर की भावी चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीकी विशेषज्ञता ही भविष्य की समस्याओं का सटीक समाधान है। उन्होंने युवा इंजीनियरों को ट्रांसमिशन के क्षेत्र में विशिष्ट कौशल हासिल करने के लिए प्रेरित किया ताकि वे आधुनिक ग्रिड प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संभाल सकें। प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि कंपनी इंजीनियरों की रुचि के अनुसार उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैठक में कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली के अधिकतम उपयोग पर चर्चा की गई। श्री तिवारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभाग में मेंटोरशिप कल्चर विकसित करें ताकि नवागत इंजीनियर अपने वरिष्ठों के अनुभव से सीख सकें। उन्होंने स्वदेशी तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता से ही ऊर्जा क्षेत्र सुदृढ़ होगा। इसके अलावा उन्होंने मटेरियल टेस्टिंग और ट्रांसफॉर्मर निरीक्षण की बारीकियों को सीखने को करियर विकास के लिए अनिवार्य बताया।
उपकरणों के रखरखाव और तकनीकी ऑडिट की समीक्षा
सुरक्षा मानकों पर चर्चा करते हुए प्रबंध संचालक ने जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति स्पष्ट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्षेत्र में सुरक्षा संबंधी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले कार्मिकों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक के दौरान उपकरणों के रखरखाव और तकनीकी ऑडिट की भी विस्तृत समीक्षा की गई।कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम् के सभी 6 छंदों के सामूहिक गायन के साथ हुआ और समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। यह बैठक सेंट्रल जोन की कार्यक्षमता बढ़ाने और इंजीनियरों को नई तकनीकों से अपडेट करने के उद्देश्य से केंद्रित रही।

