जबलपुर। नगर निगम ने जनसुरक्षा और स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को नेपियर टाउन स्थित विशाल मेगा मार्ट पर बड़ी कार्रवाई की है। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार के निर्देश पर संयुक्त टीम ने संस्थान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा और निर्माण संबंधी गंभीर खामियां मिलने पर निगम ने मार्ट पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रशासन ने प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में सुधार नहीं किया गया तो भवन को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
संयुक्त दल की जांच में मिली खामियां
अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में अग्निशमन, स्वास्थ्य और भवन शाखा की संयुक्त टीम ने जब परिसर का मुआयना किया तो वहां सुरक्षा के नियमों का व्यापक उल्लंघन पाया गया। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि आपातकालीन निकास के मार्ग में भारी मात्रा में सामान रखा हुआ था जिससे इमरजेंसी एग्जिट पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। इसके अलावा आग बुझाने के लिए लगाए गए उपकरण निष्क्रिय मिले और बिजली के पॉइंट के पास ज्वलनशील सामग्री का अंबार लगा हुआ था। यह स्थितियां किसी भी आकस्मिक दुर्घटना के समय बड़े खतरे का कारण बन सकती हैं।
स्वच्छता नियमों का उल्लंघन
भवन शाखा की जांच में यह तथ्य सामने आया कि विशाल मेगा मार्ट का संचालन स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया जा रहा है। भवन के साइड मार्जिनल ओपन स्पेस को अवैध रूप से कवर कर लिया गया था और ग्राहकों के लिए पार्किंग की कोई ठोस व्यवस्था नहीं मिली। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिसर में गंदगी और डस्टबिन की कमी पाई जो सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के विरुद्ध है। नियमों की इन निरंतर अवहेलनाओं को देखते हुए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर ही अर्थदंड की कार्रवाई सुनिश्चित की।
सुधार हेतु पंद्रह दिन की मोहलत
नगर निगम प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंतिम चेतावनी करार दिया है। प्रतिष्ठान के प्रबंधक को निर्देशित किया गया है कि वे 15 दिन के भीतर सभी चिन्हित अनियमितताओं को दूर करें। सुधार कार्य पूर्ण होने के बाद प्रबंधन को नगर निगम के अग्निशमन विभाग में अपना पालन प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। यदि दी गई समय सीमा के भीतर सुरक्षा और निर्माण संबंधी सुधार नहीं किए जाते हैं तो निगम द्वारा प्रतिष्ठान को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। शहर के अन्य बड़े व्यावसायिक केंद्रों पर भी इस प्रकार की निगरानी निरंतर जारी रहेगी।
