बताया गया है कि शिवा प्रजापति 3 मार्च को बल्देवबाग में शिवा की खड़ी बाइक से एक युवक की टकराने से मौत हो गई थी। जानकारी लगते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को जब्त कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन को शिवा प्रजापति चलाया करता था। जिसने बलदेवबाग में सड़क किनारे गाड़ी खड़ा कर दिया था और एक्सीडेंट हुआ। इस मामले में पुलिस ने शिवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इधर कंपनी के अधिकारियों से शिवा ने फोन पर बातचीत की, जिसपर कहा गया कि अपना लाइसेंस लेकर आए। इधर शिवा कोर्ट, जमानत सहित अन्य बातों को लेकर टेंशन में आ गया और उसने घर जाकर जहरीली वस्तु का सेवन कर आत्महत्या कर ली। शिवा द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी पहुंच गए, जिन्होने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया।
आक्रोशित परिजनों ने किया प्रदर्शन-
इस घटना से आक्रोशित परिजन शव लेकर हिटेजी कंपनी के आफिस पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। उनका कहना था कि पीडि़त के परिवार वालों की कंपनी मदद करे, क्योंकि टेंशन के कारण ही उसने आत्महत्या की है। शिवा के दोस्त रोहित शर्मा का कहना था कि सुपरवाइजर संतोष नाम के शख्स से वो परेशान था, उसे धमकाया जा रहा था।
सुपरवाइजर से बात करने के बाद डर गया था युवक-
शिवा के छोटे भाई अरुण ने आरोप लगाते हुए कहा कि 3 मार्च को बलदेवबाग आफिस के सामने गाड़ी खड़ी करके गांव आ गए थे। जिससे कोई अंजान बाइक सवार टकरा गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद शिवा ने फौरन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो सुपरवाइजर संतोष ने बात की। अरुण का कहना था कि सुपरवाइजर ने कहा कि 6 साल की सजा होगी आपकी जमानत नहीं होगी। जिस पर शिवा ने कहा कि जमीन नहीं है। बिना इसके कौन जमानत लेगा। इतना सब होने के बाद शिवा डऱ गया और आत्महत्या कर ली।