मंडला। मंडला में ईद के अवसर पर शिया समुदाय ने एक अनोखे तरीके से विरोध किया। शिया हैदरी जामा मस्जिद में अदा की गई नमाज के दौरान बच्चों, युवाओं व बुजुर्गों सहित सभी नमाजियों ने अपने हाथों और कंधों पर काली पट्टियां बांधीं। यह विरोध ईरान के धार्मिक गुरु अयातुल्ला खामनेई को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने के खिलाफ था।
इस दौरान समुदाय के लोगों ने नए कपड़े पहनने के बजाय सादगी के साथ नमाज अदा की। यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के विरोध में आयोजित किया गया था। नमाज के बाद शिया हैदरी जामा मस्जिद के मुबल्लिग मोहम्मद अकील ने बताया कि शव्वाल की पहली तारीख को ईद की नमाज अदा करते हुए काली पट्टी बांधकर दुनिया को यह संदेश दिया गया कि वे अपने धार्मिक गुरुओं के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उनके गुरुओं को बहुत ही जालिम तरीके से नाहक ही शहीद किया गया। मोहम्मद अकील ने आगे कहा कि हमारा देश सोने की चिडिय़ा था और रहेगा। जैसे हम सभी मिल-जुलकर दीवाली और ईद मनाते हैं, ऐसे ही आगे भी मनाते रहें। समुदाय के लोगों ने जोर देकर कहा कि हमलों में उनके धार्मिक गुरु अयातुल्ला खामनेई को निशाना बनाया जाना बेहद निंदनीय है। इसी के विरोध में सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से काली पट्टी बांधकर नमाज अदा कर अपना विरोध दर्ज कराया।