जबलपुर। शहर के सदर क्षेत्र में स्थित जामा मस्जिद के इमाम को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी ने विवाद का रूप ले लिया है। इस घटना के बाद मुस्लिम समाज के नागरिकों में भारी रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। गुरुवार को समाज के लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर कैंट थाने पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। यह पूरा मामला एक युवक द्वारा साझा की गई पोस्ट से संबंधित है जिसने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का काम किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र का माहौल खराब होने की आशंका बनी रहती है।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
घटनाक्रम के अनुसार मुस्ताक अहमद नामक युवक ने सोशल मीडिया पर इमाम के संबंध में अत्यंत अभद्र और अनुचित शब्दावली का प्रयोग करते हुए एक पोस्ट साझा की थी। यह पोस्ट जैसे ही इंटरनेट पर सार्वजनिक हुई, लोगों ने इसे धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताया। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि किसी भी प्रतिष्ठित धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी ओछी बयानबाजी समाज में वैमनस्य फैलाती है। इसी उद्देश्य के साथ समाज के सैकड़ों लोग कैंट थाने पहुंचे और थाना प्रभारी पुष्पेंद्र पटेल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि आरोपी मुस्ताक अहमद के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की आपत्तिजनक हरकत न कर सके। उपस्थित लोगों ने पुलिस को बताया कि ऐसी टिप्पणियां सीधे तौर पर सामाजिक सौहार्द और शहर की शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और कानून के दायरे में रहकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत प्राप्त होने के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र पटेल ने आक्रोशित लोगों को आश्वासन दिया है कि शिकायत के आधार पर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और विवादित पोस्ट की तकनीकी जांच आरंभ कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर किए गए दावों की पुष्टि के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि साइबर नियमों के तहत भी मामले का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि किसी को भी धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। फिलहाल पुलिस की टीम मुस्ताक अहमद के डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
