जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक मृत चिकित्सक के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक संदेश भेजे जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। अस्पताल की सहायक अधीक्षक और आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर रिचा शर्मा के व्हाट्सएप पर यह विवादित मैसेज स्वर्गीय डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के नंबर से प्राप्त हुआ है। इस घटना के बाद से मेडिकल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
सहायक अधीक्षक डॉक्टर रिचा शर्मा को भेजे गए इस डिजिटल संदेश में डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की मृत्यु के लिए कुछ खास लोगों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। संदेश की विषयवस्तु में कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए संबंधित व्यक्तियों को बददुआएं दी गई हैं। संदेश भेजने वाले ने लिखा है कि डॉक्टर हेमलता उन सभी लोगों को श्राप देती हैं जिनकी वजह से उन्हें वेंटिलेटर और मर्चुरी तक जाना पड़ा। मैसेज में यह भी दावा किया गया है कि वर्तमान में मोबाइल फोन अब कानूनी रूप से भेजने वाले के पास उपलब्ध है। इस पूरे कृत्य को मानवता के लिए एक बड़ा कलंक करार दिया गया है।
डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव का नाम इससे पहले भी उनकी बेशकीमती संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर चर्चा में रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए जबलपुर नगर निगम और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से हस्तक्षेप करना पड़ा था। लंबी जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद प्रशासन ने इस जटिल प्रकरण का निराकरण कर संबंधित फाइलों को बंद कर दिया था। माना जा रहा था कि विवाद का अंत हो चुका है, लेकिन शनिवार 21 मार्च को आए इस अप्रत्याशित संदेश ने पुराने विवादों को फिर से जीवित कर दिया है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि संपत्ति का मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
