स्वामी विवेकानंद कॅरियर योजना के तहत सेना भर्ती कार्यशाला: 67 विद्यार्थियों ने जानी परीक्षा और चयन की बारीकियां
जबलपुर। शासकीय महाकोशल स्वशासी महाविद्यालय जबलपुर में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के तत्वावधान में अग्निवीर भर्ती विषय पर एक विशेष सेमीनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी के निर्देशन में आयोजित हुआ जिसमें थल सेना के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को सेना में करियर बनाने के गुर सिखाए। सेमीनार के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि भारतीय सेना में सेवा देने के लिए अनुशासन और कड़ी मेहनत सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
क्या है भर्ती प्रक्रिया और पात्रता
मुख्य वक्ता मेजर राहुल दास ने सेमीनार में शामिल छात्र-छात्राओं को भर्ती की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए नामांकन प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इस भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 1 अप्रैल 2026 निर्धारित है। पात्रता के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि कक्षा 10 वीं और 12 वीं उत्तीर्ण युवाओं के साथ-साथ आईटीआई या 3 वर्षीय डिप्लोमा धारक भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। आवेदन के लिए आयु सीमा 18 से 21 वर्ष के मध्य रखी गई है। कार्यक्रम में ऑनलाइन आवेदन की तकनीक, शुल्क भुगतान, पदों का विवरण और अधिसूचना के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
चयन के मानक क्या हैं
संभागीय नोडल अधिकारी प्रो. अरुण शुक्ल ने भारत सरकार की इस योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना का प्राथमिक लक्ष्य सेना में युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे सकें। सेमीनार में शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा के स्वरूप, फिजिकल टेस्ट के मापदंडों और मेडिकल परीक्षण के प्रोटोकॉल की तकनीकी जानकारी साझा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और केवल योग्यता के आधार पर ही युवाओं का चयन सुनिश्चित किया जाता है।
प्रश्नोत्तरी से हुआ शंका समाधान
इस शैक्षणिक सत्र में सेना की ओर से सूबेदार मेजर जगजीवन सिंह और सुबेदार जसवीर सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए। महाविद्यालय की ओर से एनसीसी प्रभारी डॉ. आनंद तिवारी, डॉ. महेन्द्र कुमार कुशवाहा और डॉ. तरुणेन्द्र साकेत ने व्यवस्थाओं का संचालन किया। सेमीनार में कुल 67 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिन्होंने प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से अपनी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को समय रहते आवेदन पूर्ण करने और शारीरिक अभ्यास के साथ-साथ लिखित परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई।

