नई दिल्ली. जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है तो दोनों धातुओं पर दबाव बढ़ रहा है और उनकी कीमतें लगातार नीचे गिर रही हैं. चांदी तो अपने रिकॉर्ड लेवल से करीब 50 फीसदी नीचे आ चुकी है. सोमवार 23 मार्च को वायदा कारोबार में एक बार फिर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दिखी है. चांदी 20 हजार रुपये से भी ज्यादा टूट गई तो सोने में 8 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दिख रही है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोमवार को वायदा कारोबार में सोने की कीमतें 8,089 रुपये टूटकर 1.36 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गईं. ग्लोबल मार्केट में बिकवाली, बढ़ती महंगाई की आशंकाओं और मजबूत अमेरिकी डॉलर के बीच यह गिरावट दिख रही है. यही वजह रही कि एमसीएक्स पर अप्रैल में सप्लाई होने वाले सोने के अनुबंधों का भाव 8,089 रुपये या 5.6 फीसदी घटकर 1,36,403 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है. सोना पिछले सप्ताह 13,974 रुपये यानी 8.82 फीसदी टूटकर करीब 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था.
चांदी का ये है भाव
सोने की तरह ही वायदा कारोबार में चांदी की कीमत भी सोमवार को 20,409 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2.06 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है. कमजोर वैश्विक रुझानों और लगातार बिकवाली के कारण कीमतों में यह गिरावट आई है. यही वजह रही कि एमसीएक्स में चांदी के मई महीने में आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत 20,409 रुपये यानी 9 फीसदी की गिरावट के साथ 2,06,363 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई. व्यापक आर्थिक दबाव से चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है. आपको याद ही होगा कि एक समय चांदी का भाव 4 लाख रुपये को भी पार कर चुका था, तो अब तक चांदी करीब 50 फीसदी नीचे आ चुकी है.
ग्लोबल मार्केट में ये है हालात
सिर्फ एमसीएक्स पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है. कॉमेक्स पर अप्रैल में आपूर्ति वाले अनुबंधों के लिए सोने का वायदा भाव 202.4 डॉलर या 4.42 फीसदी घटकर 4,372.5 डॉलर प्रति औंस रह गया. यह एक दिन की काफी बड़ी गिरावट है. इसी तरह, ग्लोबल मार्केट में न्यूयॉर्क में चांदी के मई में आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत 9.34 फीसदी टूटकर 63.15 डॉलर प्रति औंस रह गई.
विशेषज्ञों ने दी है ये सलाह
विश्लेषकों का कहना है कि कीमती धातु की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई और लगातार चौथे सप्ताह भी इसमें गिरावट जारी रहने के आसार हैं. पश्चिम एशिया में तनाव के कारण महंगाई की आशंकाओं और निकट भविष्य में ब्याज दरों में वृद्धि की अटकलों के बीच चौथे सप्ताह भी इसमें गिरावट जारी रहने के आसार हैं.
