जबलपुर के विशेषज्ञ राजेंद्र अग्रवाल का दावा: प्रदेश में वसूला जा रहा फिक्स चार्ज पूरे देश में सबसे ज्यादा
जबलपुर।मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए घोषित नया बिजली टैरिफ प्रदेश के सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक बोझ लेकर आया है। नए आदेश के अनुसार अब घरेलू सोलर उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट की खपत पर 560 रुपये के स्थान पर 600 रुपये फिक्स चार्ज के रूप में चुकाने होंगे। यह सीधे तौर पर 40 रुपये प्रति माह की अतिरिक्त वृद्धि है। आयोग ने बिजली की दरों में 4.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है, जो आगामी 1 अप्रैल से संपूर्ण प्रदेश में प्रभावी हो जाएगा। इस नए टैरिफ प्लान से प्रदेश के 50 हजार से अधिक वे उपभोक्ता प्रभावित होंगे जिन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना या निजी स्तर पर सोलर पैनल लगवाए हैं।
सोलर पैनल उपभोक्ताओं पर 7 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि
नियामक आयोग के नए प्रावधानों के तहत सामान्य बिजली उपभोक्ताओं के फिक्स चार्ज में जहां 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, वहीं सोलर एनर्जी का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह बोझ 7 प्रतिशत रखा गया है। मध्य प्रदेश में फिक्स चार्ज की गणना का आधार अन्य राज्यों की तुलना में काफी अलग और जटिल है। देश के अधिकांश हिस्सों में फिक्स चार्ज का निर्धारण उपभोक्ता के स्वीकृत लोड यानी किलोवाट के आधार पर होता है, लेकिन मध्य प्रदेश में इसे प्रति यूनिट बिजली की खपत से जोड़कर वसूला जाता है। इसी तकनीकी भिन्नता के कारण प्रदेश के उपभोक्ताओं को देश में सबसे अधिक फिक्स चार्ज का भुगतान करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञ ने टैरिफ को बताया विसंगतिपूर्ण
जबलपुर के प्रमुख बिजली मामलों के जानकार राजेंद्र अग्रवाल ने इस नए टैरिफ पर अपनी विस्तृत राय रखते हुए इसे उपभोक्ताओं के साथ अन्याय बताया है। राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि एक ओर सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर नियामक आयोग सोलर उपभोक्ताओं पर ही सबसे अधिक आर्थिक बोझ डाल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के उपभोक्ताओं से वसूला जा रहा फिक्स चार्ज राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। राजेंद्र अग्रवाल के अनुसार अन्य राज्यों में सौर ऊर्जा अपनाने वालों को विशेष रियायतें और फिक्स चार्ज में छूट दी जाती है, जबकि यहां उन पर हिडन चार्ज थोपे जा रहे हैं।
सौर ऊर्जा अपनाने वाले 50 हजार उपभोक्ताओं में नाराजगी
मध्य प्रदेश में वर्तमान में 50 हजार से अधिक ऐसे परिवार हैं जो सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली संकट और बढ़ते बिलों से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। इन उपभोक्ताओं के लिए बिजली की प्रति यूनिट दरों में 4.80 प्रतिशत की वृद्धि के साथ फिक्स चार्ज का बढ़ना दोहरी मार के समान है। राजेंद्र अग्रवाल का मानना है कि इस तरह के फैसलों से सौर ऊर्जा की दिशा में बढ़ रहे नए उपभोक्ताओं का मनोबल टूटेगा। यदि फिक्स चार्ज की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में सोलर पैनल लगवाने की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। प्रदेश भर के जागरूक उपभोक्ता अब इस भारी भरकम फिक्स चार्ज को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
