जब निवेशकों ने टोल अवधि समाप्त होने पर अपनी सुरक्षा निधि और मुनाफे की मांग की, तो आरोपी ने उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया
जबलपुर। जबलपुर और आसपास के जिलों में सक्रिय कुख्यात जालसाज अमित खम्परिया के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस बार मामला लोक निर्माण विभाग को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धोखा देने से जुड़ा है। उमरिया जिले के कोतवाली थाने में आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी और कूटरचना की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अमित खम्परिया ने सरकारी ठेके हासिल करने के लिए बैंक की फर्जी एफडीआर का सहारा लिया था। यह पूरा मामला साल 2009 से जुड़ा है जब सोनमसीरा घाट पथकर पुल का ठेका लेने के लिए आरोपी ने यूनियन बैंक की एक फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद जमा की थी। इस रसीद की कुल कीमत 2 लाख 80 हजार रुपए दर्शाई गई थी। जब विभाग ने बैंक से इस रसीद का सत्यापन कराया तो यूनियन बैंक ने स्पष्ट कर दिया कि उनके द्वारा ऐसी कोई एफडीआर जारी ही नहीं की गई है। शिकायतकर्ता सचिन गुप्ता की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच के आदेश दिए गए थे, जिसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विस्तृत तफ्तीश शुरू कर दी है।
पीडब्ल्यूडी और टोल प्लाजा के नाम पर करोड़ों की ठगी
आरोपी अमित खम्परिया केवल सरकारी विभागों को ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी अपनी जालसाजी का शिकार बनाता रहा है। उसने टोल प्लाजा के कारोबार में पार्टनर बनाने का झांसा देकर कई लोगों से मोटी रकम वसूली है। ताजा मामले में उत्तर प्रदेश के बेलोन टोला टोल प्लाजा में हिस्सेदारी देने के नाम पर उसने घनेंद्र सिंह राघव और सचिन गुप्ता से करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। जब निवेशकों ने टोल अवधि समाप्त होने पर अपनी सुरक्षा निधि और मुनाफे की मांग की, तो आरोपी ने उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खातों के माध्यम से करोड़ों का लेनदेन किया। इस मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के आधार पर भी जांच की जा रही है। संजीवनी नगर थाने में भी आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अमित खम्परिया एक आदतन अपराधी है जो अब तक कई बड़े व्यापारिक घपलों को अंजाम दे चुका है। वर्तमान में वह पुराने मामलों में जेल में बंद है, लेकिन नए खुलासों के बाद पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
चार जिलों में फैला अपराध का जाल और पुराना रिकॉर्ड
अमित खम्परिया का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और गंभीर है। उसके खिलाफ जबलपुर, कटनी, उमरिया और मंडला सहित चार जिलों के विभिन्न थानों में कुल 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या का प्रयास, अवैध उत्खनन, चोरी, साजिश रचने और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जबलपुर के मदन महल, भेड़ाघाट, गढ़ा और लार्डगंज थानों में उसके विरुद्ध लंबे समय से मामले लंबित हैं। इसके अलावा कटनी के विजयराघवगढ़ और उमरिया के मानपुर थाने में भी उसके खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड मौजूद है। दस्तावेजों के अनुसार मंडला जिले के खटिया थाने से जुड़े मामलों में उसे और उसके परिजनों को 5-5 साल की सजा भी सुनाई जा चुकी है। उस दौरान भी उसने अपने पिता और रिश्तेदारों को बचाने के लिए अदालत में फर्जी गवाह पेश करने का प्रयास किया था। आरोपी के खिलाफ बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस अब उसकी संपत्ति और बैंक खातों की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि ठगी गई राशि की बरामदगी की जा सके। प्रशासन का मानना है कि इस गिरफ्तारी और नए मामलों के बाद क्षेत्र के अन्य पीड़ितों को भी न्याय मिल सकेगा।
