पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देते हुए धवारी निवासी शिवम त्रिपाठी ने बताया कि 3 मार्च को वह इंस्टाग्राम पर रील देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें घर बैठे पैसे कमाने का एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में वर्क फ्रॉम होम के जरिए आसानी से कमाई का दावा किया जा रहा था। विज्ञापन पर भरोसा कर शिवम ने उस लिंक पर क्लिक कर दिया। लिंक पर क्लिक करते ही शिवम एक वेबसाइट पर पहुंच गए। जहां उन्हें लॉगिन करने के लिए कहा गया। लॉगिन करने के बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में पहले से कई लोग जुड़े हुए थे, जो लगातार कमाई के स्क्रीनशॉट और मैसेज भेज रहे थे।
200 रुपए निवेश पर मिला कमीशन-
ग्रुप में मौजूद लोगों ने शिवम को बताया कि 200 रुपए के निवेश पर 100 रुपए का कमीशन मिलेगा। भरोसा दिलाने के लिए शिवम ने 200 रुपए का निवेश किया। कुछ ही समय बाद उन्हें 100 रुपए का कमीशन भी मिल गया। इससे शिवम को लगा कि यह काम सही है और इससे कमाई की जा सकती है।
धीरे-धीरे बढ़ाया निवेश-
इसके बाद ग्रुप में मौजूद लोगों ने अलग-अलग टास्क व ऑफर बताकर ज्यादा रकम निवेश करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। साइबर ठगों ने बार-बार नए टास्क देकर शिवम से पैसे निवेश करवाए। लालच और भरोसे के जाल में फंसकर शिवम कई बार लेनदेन करते रहे। देखते ही देखते निवेश की रकम बढ़ते-बढ़ते करीब 8 लाख रुपए तक पहुंच गई।
पैसे निकालने की कोशिश की तो बंद हो गया संपर्क-
जब शिवम ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो अचानक व्हाट्सएप ग्रुप में जवाब आना बंद हो गया। इसके साथ ही उनका पूरा अकाउंट भी खाली हो चुका था। तभी उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। ठगी का पता चलने के बाद शिवम त्रिपाठी ने तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही साइबर सेल में ऑनलाइन एफआईआर भी दर्ज कराई गई।