विभागीय गलियारों में इस भ्रष्ट आचरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं,चर्चाओं का बाजार गर्म है और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं
जबलपुर। बालाघाट जिले के अंतर्गत आने वाले गढ़ी और बैहर क्षेत्र में शिक्षा विभाग की साख को बट्टा लगाने वाला एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल गढ़ी में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर अंतराम अजरावत का एक वीडियो और ऑडियो साक्ष्य सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इस सामग्री में ऑपरेटर द्वारा एक शिक्षक से एरियर्स की राशि निकालने के नाम पर बड़ी रकम की लेनदेन की पुष्टि हो रही है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन से लेकर संभाग स्तर तक के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। विभागीय गलियारों में इस भ्रष्ट आचरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़ित शिक्षक से वसूली गई राशि
पूरा मामला प्राथमिक शिक्षक रमेश धुर्वे से जुड़ा हुआ है जो बैगा जनजातीय वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। पीड़ित शिक्षक की क्रमोन्नति के बाद मिलने वाले बकाया एरियर्स के भुगतान के लिए ऑपरेटर अंतराम अजरावत द्वारा लंबे समय से टालमटोल की जा रही थी। अंततः इस भुगतान को मंजूरी दिलाने की शर्त पर शिक्षक पर अनुचित दबाव बनाया गया। योजनाबद्ध तरीके से रमेश धुर्वे के खाते में 57 हजार रुपये की एरियर्स राशि का आहरण सुनिश्चित कराया गया। इसके तुरंत बाद ही ऑपरेटर ने अपनी सेवा के बदले शिक्षक से 40 हजार रुपये की मांग की और उसे वसूल लिया।
भ्रष्टाचार के साक्ष्यों ने खोली पोल
इस पूरे लेनदेन का कच्चा चिट्ठा तब खुला जब ऑपरेटर द्वारा रिश्वत स्वीकार करते हुए वीडियो और बातचीत का ऑडियो सार्वजनिक हो गया। वीडियो साक्ष्य में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि शासकीय कार्य के निष्पादन के बदले किस तरह खुलेआम नकदी का आदान-प्रदान किया जा रहा है। स्थानीय स्टिंगर द्वारा जब पीड़ित शिक्षक रमेश सिंह धुर्वे से दूरभाष पर संपर्क साधा गया तो उन्होंने आपबीती सुनाई। शिक्षक ने स्वीकार किया कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर राशि देने पर मजबूर किया गया था। यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित न होकर विभाग में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार के सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है।
उच्चाधिकारियों तक पहुंची शिकायत
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन साक्ष्यों के बाद शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर स्थित लोक शिक्षण संचालनालय को भी विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। राज्य स्तरीय कार्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद क्षेत्रीय अमले में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर पूर्व में भी कई शिक्षकों के भुगतान रोकने और उनसे अवैध वसूली करने की शिकायतों के घेरे में रहा है। वर्तमान साक्ष्यों के आधार पर विभाग अब संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध निलंबन और दंडात्मक कार्यवाही की तैयारी कर रहा है।
