भोपाल. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. कैबिनेट मीटिंग के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश के 46 लाख प्रॉपर्टियों की रजिस्ट्रियां नि:शुल्क होगी। इस पर मध्यप्रदेश सरकार 3 हजार करोड़ रुपए का स्टाम्प शुल्क भरेगी।
गेहूं पर प्रति क्विंटल 2625 रुपए एमएसपी तय
मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि केंद्र सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए तय किया था। जिसमें एमपी सरकार ने 40 रुपए का बोनस जोड़ दिया है। अब किसानों को प्रति क्विंटल गेहूं बेचने पर 2626 रुपए दिया जाएगा। उड़द पर प्रति क्विंटल 600 रुपए बोनस दिया जाएगा।
जर्मन से पचमढ़ी ग्रीन डिस्टीनेशन सर्टिफाइड
मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि जर्मनी की संस्था ने मध्यप्रदेश की हिल स्टेशन पचमढ़ी को ग्रीन डिस्टीनेशन सर्टिफाइड किया है। जिसके तहत मध्यप्रदेश सरकार ने पचमढ़ी को संवारने का निर्णय लिया है।
4165 युवा इंटर्न के रूप में करेंगे काम
मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि इस प्रोग्राम से सरकार की योजनाओं को जमीन स्तर का इम्पैक्ट और उसकी कठनाईयों को जानकारी एकत्रित करेंगे। मध्यप्रदेश के करीब 4 हजार 165 युवा इंटर्न के रूप में काम करेंगे। जिन्हें 10 हजार रुपए का मानदेय प्रति युवाओं को दिया जाएगा। इस स्कीम की मॉनिटरिंग भोपाल से की जाएगी।
एमपी के हर ब्लॉक से 15 युवाओं को जोड़ेंगे
मध्यप्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए मुख्यमंत्री यंग इंटर्नशिपशीप प्रोग्राम मंजूर किया है। जिसमें 4 हजार 165 युवाओं को हर महीने 10 हजार मानदेय दिया जाएगा। यह अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से संचालित की जाएगी। जिसमें हर ब्लाक में 15 युवाओं जोड़ा जाएगा। युवाओं को एक साल के लिए रखेंगे। तीन साल योजना चलाई जाएगी।
इंटर्न की एक-एक साल के लिए होगी नियुक्ति
मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि इस स्कीम के तहत डिजिटाइजेशन से आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे। जिसमें वर्तमान योजना, सामाजिक असर, इम्पैक्ट की जानकारी जुटाएंगे। किस योजना में क्या दिक्कत आ रही है। खास बात यह है कि स्थानीय युवाओं को जोड़ेंगे। नई तकनीक और गर्वनेंस की जानकारी होगी। अटल सुशासन संस्था से नियुक्ति की जाएगी।
7 विभागों की स्कीम पर खर्च करेंगे 33 हजार करोड़
मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार की सात विभागों की विभिन्न योजनाओं को आगामी 2031 तक के लिए निरंतरता बढ़ाई जाएगी। जिसके लिए 33 हजार 240 करोड़ मंजूर किए गए।
एक जिला एक उत्पाद पर खर्च करेंगे 37.50 करोड़
एक जिला एक उत्पाद के निरंतरता को मंजूरी दी। तकनीकी रूप से आधुनिकता लाकर आगे बढ़ाया जाएगा। सीधी दरी, कारपेट, दतिया में गुढ, अशोकनगर में चंदेरी हैंडलूम, भोपाल जरी, जरदोजी, पर्स, जूट उत्पाद, धार बाघ प्रिंट, उज्जैन में बुटिक प्रिंट, सिहोर में लकड़ी के खिलौने के लिए 37.50 करोड़ की डीपीआर तैयार की। जीआई टैगिंग, तकनीकी सपोर्ट पर काम किया जाएगा।
व्यवहार न्यायाधीश खंड-नवीन पद को भी मंजूर
चितरंगी विधानसभा में एक व्यवहार न्यायाधीश खंड और नवीन पद की मांग की जा रही थी। कैबिनेट में उसे मंजूर किया है।
