सागर। एमपी के सागर स्थित ग्राम नन्ही देवरी खमरिया में आज दिल दहलाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां पर एक महिला सविता बाई ने अपनी चार बेटियों को कुएं में फेंककर फांसी लगा ली। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिन्होने स्थानीय लोगों की मदद से तलाश कराई, जिसमें तीन बच्चियों के शव मिल गए, एक की तलाश जारी है। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया, जिसने भी घटनाक्रम के बारे में सुना तो स्तब्ध रह गया।

बताया गया है कि ग्राम नन्ही देवरी खमरिया निवासी चंद्रभान लोधी काम के सिलसिले में घर से बाहर गया था। घर में ससुर, ननद थे। रात को खाना खाने के बाद सभी लोग अपने अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। इस दौरान सविता उम्र 28 वर्ष उठी और बेटी अंशिका उम्र 7 वर्ष, रक्षा 5 वर्ष, दीक्षा 3 वर्ष व मनीषा को लेकर घर से निकल गई। सविता ने चारों बेटियों को घर के पास ही कुएं में फेंक दिया। इसके बाद पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आज सुबह परिजन उठे तो देखा कि बच्चियां व सविता घर में नहीं है। जिससे परिजन चितिंत हो गए, तलाश करते हुए गांव में निकले। कुछ दूर जाकर देखा कि सविता एक पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटक रही है। सविता के फांसी के फंदे पर लटकने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई, देखते ही देखते गांव के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। कुछ दूर पर कुएं में लोगों की नजर पड़ी तो देखा कि बच्चियों के शव कुएं में उतरा रहे है। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए, जिन्होने स्थानीय लोगों की मदद से तलाश कराई तो तीन बच्चियों के शवों को निकाला गया। वहीं बेटी मनीषा उम्र 5 माह का अभी पता नहीं चल सका है। जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई है।
पति नहीं करता था संपर्क, टेंशन में थी पत्नी-
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि सविता का पति चंद्रभान लोधी एक साल से गांव से बाहर है। उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। वह कभी-कभी ही संपर्क करता था। इससे उसकी पत्नी सविता बहुत परेशान थी। पुलिस ने बताया कि सविता ने टेंशन में आकर बच्चों को कुएं में फेंक दिया। इसके बाद पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही सबकुछ स्पष्ट हो पाएगा।